किडनी रैकेट का भंडाफोड़, गेस्ट हाउस में मिले डोनर और मरीज

गुरुग्राम। किडनी रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। सीएम फ्लाइंग स्क्वायड और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुरुग्राम के एक होटल में छापा मारकर यह मामला पकड़ा है।

यह है मामला

सीएम फ्लाइंग स्क्वायड को किडनी गिरोह की गुप्त सूचना मिली थी। इस पर टीम ने स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त रूप से गुरुग्राम के सेक्टर 39 स्थित बाबिल नाम के गेस्ट हाउस में छापेमारी की। मौके से दो डोनर और तीन मरीजों को पकड़ा गया है। पता चला कि गिरोह का संचालक बांग्लादेश से डोनर और मरीजों को बुलाकर जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट करवाता था। इसके लिए वे मरीजों से 10-12 लाख रुपये वसूलते और डोनर को मात्र दो लाख रुपये देते थे। फिलहाल इस गिरोह का मुख्य सरगना मो. मुर्तजा अंसारी फरार है।

गेस्ट हाउस में मिले डोनर और तीन मरीज

टीम को पता चला कि गुरुग्राम के गेस्ट हाउस में किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीज और डोनर ठहराए गए हैं। मौके पर किडनी दानदाता 24 वर्षीय शमीम मेहंदी हसन व 30 वर्षीय हुसैन मोहम्मद और प्राप्तकर्ता 66 वर्षीय इस्लाम नुरुल, 33 वर्षीय कोबीर एमडी अहसानुल व 25 वर्षीय महमूद सैयद अकब मौजूद मिले।

सभी आरोपी बांग्लादेश के निवासी

पूछताछ के बाद पता चला कि सभी आरोपी बांग्लादेश के निवासी हैं। इनका आपस में कोई भी रिश्ता नहीं मिला। इनके पास से जयपुर के एक अस्पताल के कागजात पाए गए। पता चला कि मो. मुर्तजा अंसारी नाम का युवक इन सभी को बुलवाता था। वही इस गिरोह का संचालनकर्ता है।

मुख्य सरगना फरार

इनमें दो मरीजों का ट्रांसप्लांट हो चुका था। एक मरीज का ट्रांसप्लांट थोड़े दिनों बाद कराना था। सरगना अंसारी रांची का रहने वाला है और वह बीते कई सालों से रुपये लेकर फर्जी तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट करवाने का काम कर रहा था। उसकी जयपुर के फोर्टिस अस्पताल में कुछ कर्मचारियों के साथ मिलीभगत बताई गई है। गिरोह के लोग कागजों में हेरफेर कर मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट करा देते थे। टीम के पहुंचने से पहले ही मो. अंसारी फरार हो गया था। आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है।