प्रदेश के 27 आकांक्षी ब्लॅाक्स के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए राज्य स्तरीय अधिकारियों को दी जिम्मेदारी आवंटित ब्लॉक की मॉनिटरिंग कर देंगे रिपोर्ट

जयपुर ( कैलाश शर्मा) : प्रदेश के 27 आकांक्षी ब्लॉक्स के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने राज्य स्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती शुभ्रा सिंह के निर्देश पर इस संबंध में आदेश जारी कर अधिकारियों को ब्लॉक आवंटित किए गए हैं। ये अधिकारी प्रतिमाह आवंटित ब्लॉक में जाकर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेंगे और आवश्यक सुधार एवं प्रगति को लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि भारत सरकार ने देशभर में 500 आकांक्षी ब्लॉक चिन्हित किए हैं। इनमें से 27 ब्लॉक राजस्थान के हैं। यह वे ब्लॉक्स हैं जो सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में तुलनात्मक रूप से पिछड़े हुए हैं। इन क्षेत्रों के सतत एवं समग्र विकास के लिए 39 विभिन्न संकेतकों में सुधार की रूपरेखा बनाई गई है, जिनमें 7 संकेतक स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित हैं।

श्रीमती सिंह ने बताया कि प्रदेश में 27 ब्लॉक में स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार की दृष्टि से मिशन मोड में कार्य प्रारम्भ किया गया है। जिला कलेक्टर्स को इन ब्लॉक्स पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। विगत दिनों विशेष निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान के तहत राज्य स्तर से अधिकारियों को इन 27 ब्लॉक्स में फील्ड विजिट के लिए भेजा गया था। अब नियमित मॉनिटरिंग एवं सुधारात्मक उपायों के लिए राज्य स्तर से अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इन 27 ब्लॉक्स के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार होने से प्रदेश के स्वास्थ्य संकेतकों की स्थिति भी और बेहतर होगी।

इन 7 संकेतकों पर रहेगी नजर

अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य स्तरीय अधिकारी निर्धारित 7 संकेतकों जैसे मातृ स्वास्थ्य सेवाएं, लो बर्थ बेबीज, क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट, हाइपरटेंशन-डायबिटीज स्क्रीनिंग और टीबी उपचार की सफलता की दर के बारे में आवंटित ब्लॉक में सुधारात्मक कार्यवाही के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। वे संचालित स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाया जाना भी सुनिश्चित करेंगे। संबंधित जिले के डिप्टी सीएमएचओ अपने जिले के ब्लॉक के जिला प्रभारी होंगे और प्रतिमाह कम से कम दो चिकित्सा संस्थानों की मॉनीटरिंग कर संबंधित बीसीएमओ को आवश्यक कार्यवाही करवाते हुए राज्यस्तरीय अधिकारी का सहयोग करेंगे। प्रतिमाह आकांक्षी ब्लॉक्स से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट के आधार पर राज्य स्तर पर समीक्षा कर सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

मुख्यालय से इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ ब्लॉक के लिए डॉ. गिरीश द्विवेदी, किशनगढ़-बारां के लिए डॉ. एमपी जैन, रामसर-बाड़मेर के लिए डॉ. सुआलाल, वैर-भरतपुर के लिए डॉ.राजेश शर्मा, कोलायत-बीकानेर के लिए डॉ. दिनेश पारीक, केशोरायपाटन-बूंदी के लिए डॉ. नवनीत सिंह कुंतल, निम्बाहेडा-चित्तौड़गढ के लिए डॉ. इन्द्रजीत सिंह, राजगढ़-चूरू के लिए डॉ. मुकेश डिगरवाल, रामगढ़ पचवारा-दौसा के लिए डॉ. रघुराज सिंह, बसेड़ी-धौलपुर के लिए डॉ. दुर्गेश राय, जोथारी-डूंगरपुर के लिए डॉ. रामबाबू जयसवाल, गंगापुरसिटी के लिए डॉ. सीमा जयसवाल, संगरिया-हनुमानगढ़ के लिए डॉ. रोमेल सिंह, फतेहगढ़-जैसलमेर के लिए डॉ. प्रदीप चौधरी, आहोर-जालोर के लिए डॉ. शंकर लाल गुप्ता, खानपुर-झालावाड़ के लिए डॉ. अभिनव अग्रवाल, शेरगढ़-जोधपुर ग्रामीण के लिए डॉ. महेश सचदेवा, मासलपुर-करौली के लिए डॉ. आर.एन.मीणा, नीमराणा-कोटपूतली बहरोड़ के लिए डॉ. यदुराज सिंह, जायल-नागौर के लिए डॉ. किरण नागपाल, रानी-पाली के लिए डॉ. देवेश्वर देव, पीपलखूंट-प्रतापगढ़ के लिए डॉ. सांवरमल स्वामी, भीम-राजसमंद के लिए डॉ. तरूण चौधरी, कोटरी-शाहपुरा के लिए डॉ. मुस्ताक खान, आबूरोड-सिरोही के लिए डॉ. सुशील परमार, पीपलू-टोंक के लिए डॉ. देवेन्द्र सोंधी और उदयपुर जिले के खेरवाड़ा के लिए डॉ. मनीषा चौधरी को ब्लॉक प्रभारी नियुक्त किया गया है।