मेडिकल स्टोर पर रेड, तीन करोड़ रुपये की नशीली दवाइयां जब्त

अवैध कोडीन
cough syrup

सीबीगंज (बरेली)। मेडिकल स्टोर पर छापामारी कर तीन करोड़ रुपये मूल्य की नशीली दवाइयां बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की टीम ने की। बताया गया कि आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अपने भाई के साथ मिलकर यह गोरखधंधा चला रहा था। मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके भाई की तलाश जारी है।

यह है मामला

सीबीगंज के गांव महेशपुर निवासी मुन्ने का किला मेडिकल स्टोर है। एएनटीएफ की सीओ प्रतिमा सिंह और प्रभारी विकास यादव ने उसके मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर उसे हिरासत में ले लिया। मौके से कुछ नशीली दवाएं बरामद हुईं हैं। उसकी निशानदेही पर सीबीगंज के महेशपुर गांव में गांधी आश्रम के पास गोदाम में छापा मारा तो वहां से नशीली दवाओं का जखीरा बरामद हुआ।

आरोपी को भेजा जेल

मुन्ने ने पूछताछ में बताया कि उसका भाई बबलू उर्फ कमर गनी विभिन्न स्थानों से नशीली दवाओं की खेप मंगाता था। फिर वे लोग इसे दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड के अलावा पड़ोसी देश बांग्लादेश तक सप्लाई करते थे। बरामद दवाओं की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई गई है। सीबीगंज पुलिस ने मुन्ने को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

गोदाम से ये नशीली दवाएं मिली

आरोपियों के गोदाम से ट्रामाडॉल युक्त एक लाख नौ हजार 584 कैप्सूल, अल्प्राजोलाम युक्त दो लाख 20 हजार 200 टैबलेट, 23 हजार 276 बोतल कोडीन फास्फेट युक्त सीरप, नाइट्राजीपाम युक्त 1800 टैबलेट बरामद की गईं। बरामद हुई सभी नशीली दवाओं का वजन करीब 11 क्विंटल है।

इसके अलावा एक मोबाइल फोन और 1.66 लाख रुपये नकद बरामद हुए। जांच के दौरान आरोपी मुन्ने इन नशीली दवाओं को बेचने और स्टॉक का लाइसेंस नहीं दिखा सका। इस वजह से उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना सीबीगंज में रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही दवाओं की बिक्री और खरीद का भी उसके पास कोई हिसाब नहीं मिला।

दवा खरीदने और बेचने वालों की ली जाएगी जानकारी

मेडिकल स्टोर

दवा व्यापारियों के मुताबिक कोडीन फास्फेट युक्त कफ सीरप की नशेडिय़ों में ज्यादा डिमांड रहती है। बांग्लादेश समेत अन्य स्थानों पर इस कफ सीरप को ढाई से तीन गुना कीमत पर बेचा जाता है। यह सीरप लखनऊ से भारी मात्रा में बरेली आता है। वर्ष 2018 में लखनऊ से गाजियाबाद भेजी गई ऐसी ही खेप को दिल्ली काइम ब्रांच ने पकड़ लिया था। किला के ट्रांसपोर्ट के जरिये यह माल वहां भेजा गया था। अब यह टीम स्थानीय स्तर पर मुन्ने और बबलू से यह दवा खरीदने और बेचने वालों की जानकारी हासिल कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।