मुजफ्फरपुर। अस्पताल में मरीजों को बंद कर संचालक के फरार होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने खिडक़ी के रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। प्रशासनिक छापेमारी की भनक लगते ही माही अस्पताल का संचालक और स्टाफ छत के रास्ते फरार हो गए। दो मरीजों को अस्पताल के अंदर बंद कर गए। कुछ लोगों को भागते देख छापेमारी टीम ने अस्पताल के मुख्य गेट को सील कर दिया।
अंदर से सीढ़ी के रास्ते ऊपर टीम पहुंची तो वहां मेसर्स ब्लड बैंक मिला। उसके बगल में संचालित माही अस्पताल का गेट अंदर से बंद था। टीम ने खिडक़ी के सहारे अंदर प्रवेश किया। देखा वहां दो मरीज जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। उनकी जान खतरे में थी।
आनन-फानन में सील तोड़ कर मरीजों को बाहर निकाला गया। सभी की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत एसकेएमसीएच भेजा। इस दौरान टीम के सदस्य ने अस्पताल के बाहर खड़े गार्ड को अरेसट कर लिया कानूनी कार्रवाई के डर से संचालक ने अंदर भर्ती मरीजों को बाहर निकालने की जहमत तक नहीं उठाई। अंदर से दरवाजा में ताला जड़ दिया और छत से पिछले रास्ते भाग निकले।
रेस्क्यू किए मरीजों का इलाज एसकेएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक के निगरानी में चल रहा है। टीम अधीक्षक से मरीज की स्थिति से अवगत हुए। छापेमारी टीम का कहना है कि यह कृत्य न केवल गैर-कानूनी है बल्कि हत्या के प्रयास जैसा गंभीर अपराध है। अस्पताल को सील कर दिया गया है। फरार संचालक और संलिप्त कर्मियों के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करेगी।










