कानपुर: मौसम बदलने के साथ कानपुर में मच्छरजनित और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को शहर में डेंगू के छह नए मरीज मिले, जबकि दहेली सुजानपुर इलाके में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का भी एक नया मामला सामने आया। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
24 घंटे में डेंगू के छह मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में मेडिकल कॉलेज, उर्सला जिला अस्पताल और निजी पैथोलॉजी लैब में हुई जांच में छह लोगों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं दहेली सुजानपुर क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के एक नए मरीज की पुष्टि हुई है। विभाग की टीमें संबंधित इलाकों में निगरानी बढ़ा रही हैं।
नोडल अधिकारी ने जारी की गाइडलाइन
नोडल अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह ने शहरवासियों को सलाह दी है कि:
- घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
- मच्छरों से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- तेज बुखार, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।
डेंगू के लक्षण पहचानें
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो आमतौर पर दिन के समय काटता है। इसके प्रमुख लक्षणों में अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी तथा शरीर पर लाल चकत्ते शामिल हैं। गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स तेजी से गिर सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, अगर बुखार के साथ पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेचैनी हो, तो यह खतरे का संकेत है और मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।
स्वाइन फ्लू से कैसे बचें
स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो खांसने और छींकने से फैलता है। इससे बचने के लिए बार-बार साबुन से हाथ धोएं, खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें और बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचें। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोग ज्यादा सावधानी बरतें।
खुद से दवा लेने से बचें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि डेंगू के संदेह में खुद से दर्द निवारक दवाएं, खासकर एस्पिरिन या आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं न लें, क्योंकि ये खून बहने का खतरा बढ़ा सकती हैं। बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें, खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं और समय पर जांच कराएं।
अक्टूबर-नवंबर के महीनों में डेंगू के मामले आमतौर पर बढ़ते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपने घरों में कूलर, गमलों, टायरों और छत पर रखे बर्तनों में पानी जमा न होने देने की अपील की है।
स्रोत: अमर उजाला (3 अक्टूबर 2026)










