हैदराबाद: देश की प्रमुख दवा कंपनी ऑरोबिंदो फार्मा को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) से मिर्गी के दौरे के इलाज में इस्तेमाल होने वाली पेराम्पैनल टैबलेट बनाने और बेचने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कंपनी ने अमेरिकी बाजार में त्वचा रोग एक्जिमा के इलाज की एक नई दवा भी लॉन्च कर दी है।
पेराम्पैनल टैबलेट को मंजूरी
ऑरोबिंदो फार्मा को मिली यह मंजूरी जेनेरिक दवा के लिए है। ये टैबलेट कैटेलिस्ट फार्मास्युटिकल्स की ब्रांडेड दवा ‘फाइकोम्पा’ के समकक्ष हैं। कंपनी इन्हें अलग-अलग क्षमता (स्ट्रेंथ) में बाजार में उतारेगी।
- उत्पादन: ऑरोबिंदो की एपीएल हेल्थकेयर फैसिलिटी में
- उपयोग: मिर्गी के दौरों का इलाज
- अमेरिका में लॉन्च की योजना: वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही में
एक्जिमा की नई दवा ‘एडक्वे’ लॉन्च
ऑरोबिंदो ने 1 अक्टूबर को अमेरिका में ‘एडक्वे’ नाम की एक और दवा लॉन्च की है। यह एक नॉन-स्टेरॉयडल टॉपिकल (त्वचा पर लगाने वाली) फॉस्फोडिएस्टरेज-4 (पीडीई4) इनहिबिटर दवा है, जिसका उपयोग एटोपिक डर्मेटाइटिस यानी एक्जिमा के इलाज में होता है। इसका इस्तेमाल 2 साल के बच्चों से लेकर वयस्कों तक में किया जा सकता है।
एडक्वे को सबसे पहले ओत्सुका फार्मास्युटिकल ने खोजा था। बाद में ऑरोबिंदो की सहायक कंपनी एक्रोटेक को इसका लाइसेंस मिला। इस दवा का पेटेंट 2036 तक सुरक्षित है और कंपनी की नजर करीब 1.3 अरब डॉलर के बाजार पर है।
599 एएनडीए मंजूरियां
इन नई मंजूरियों के साथ ऑरोबिंदो फार्मा को यूएसएफडीए से अब तक कुल 599 संक्षिप्त नई दवा आवेदन (एएनडीए) मंजूरियां मिल चुकी हैं। इनमें 574 अंतिम मंजूरियां और 25 अस्थायी (टेंटेटिव) मंजूरियां शामिल हैं।
क्या होता है एएनडीए
एएनडीए यानी ‘एब्रिविएटेड न्यू ड्रग एप्लीकेशन’ वह प्रक्रिया है, जिसके तहत कोई कंपनी अमेरिका में पहले से मंजूर किसी ब्रांडेड दवा का जेनेरिक संस्करण बेचने की अनुमति लेती है। इसके लिए कंपनी को साबित करना होता है कि उसकी दवा मूल दवा के समान प्रभावी और सुरक्षित है। अस्थायी मंजूरी तब दी जाती है, जब दवा सभी मानकों पर खरी उतरती है, लेकिन मूल दवा के पेटेंट की वजह से उसे अभी बाजार में नहीं उतारा जा सकता।
भारतीय फार्मा कंपनियों की बढ़ती ताकत
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा दवा बाजार है और वहां बिकने वाली जेनेरिक दवाओं का बड़ा हिस्सा भारत से जाता है। ऑरोबिंदो जैसी भारतीय कंपनियां लगातार नई मंजूरियां हासिल कर इस बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही हैं। जेनेरिक के साथ-साथ नई और लाइसेंस वाली दवाओं की ओर बढ़ना कंपनी की विस्तार रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
स्रोत: न्यूजबाइट्स हिंदी (3 अक्टूबर 2026)










