नई दिल्ली: दवा कंपनी मोरपेन लेबोरेटरीज ने अमेरिकी बाजार में कदम रखने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने पहली बार अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) में तैयार दवा (फिनिश्ड फॉर्मूलेशन) के लिए आवेदन दाखिल किया है। यह आवेदन टाइप-2 डायबिटीज की दवा सिटाग्लिप्टिन टैबलेट के लिए है। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर 135.35 रुपये के 52 हफ्ते के नए उच्च स्तर पर पहुंच गए।
एपीआई से फिनिश्ड दवा की ओर
अब तक मोरपेन लैब्स मुख्य रूप से एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई) यानी दवाओं के कच्चे माल के उत्पादन पर ध्यान देती रही है। यूएसएफडीए में तैयार दवा का पहला आवेदन कंपनी के कारोबारी मॉडल में बड़े बदलाव का संकेत है। इससे कंपनी केवल कच्चा माल बनाने वाली कंपनी से आगे बढ़कर तैयार दवाओं की आपूर्तिकर्ता बनने की ओर बढ़ रही है।
प्रबंधन के अनुसार, कंपनी कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (सीडीएमओ) मॉडल की ओर भी बढ़ रही है, जिसमें वह दूसरी दवा कंपनियों के लिए दवाओं का विकास और निर्माण करती है।
सिटाग्लिप्टिन क्या है
सिटाग्लिप्टिन टाइप-2 डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा है। यह डीपीपी-4 इनहिबिटर श्रेणी की दवा है, जो शरीर में इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है। दुनिया भर में डायबिटीज के बढ़ते मरीजों के कारण इस दवा का बाजार काफी बड़ा है। इसका इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए।
वित्तीय प्रदर्शन में तेजी
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का कारोबार पिछले साल की तुलना में करीब 34 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि शुद्ध मुनाफा 394 प्रतिशत उछलकर 56.35 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। फिलहाल कंपनी के शेयर का मूल्य-आय अनुपात (पी/ई) करीब 46.87 के आसपास है।
अमेरिकी बाजार क्यों अहम
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा दवा बाजार है और वहां जेनेरिक दवाओं की भारी मांग है। भारतीय कंपनियां अमेरिका में बिकने वाली जेनेरिक दवाओं की बड़ी आपूर्तिकर्ता हैं। यूएसएफडीए से मंजूरी मिलना किसी भी दवा कंपनी की गुणवत्ता और क्षमता का बड़ा प्रमाण माना जाता है। हालांकि आवेदन दाखिल करना पहला कदम है; मंजूरी मिलने में समय लगता है और यह यूएसएफडीए की समीक्षा पर निर्भर करती है।
निवेशक रखें ध्यान
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी के नए कारोबारी मॉडल में संभावनाएं हैं, लेकिन विस्तार के लिए कर्ज और अमेरिकी मंजूरी की अनिश्चितता जैसे जोखिम भी हैं। ऊंचे पी/ई अनुपात पर निवेश से पहले सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी है।
यह खबर केवल जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
स्रोत: व्हेल्सबुक (2 अक्टूबर 2026)










