आंखों के मरीज को नहीं रुलाएगा महंगा इंजेक्शन

24 हजार का इंजेक्शन 1500 में मुहैया कराएगा आईजीएमसी 

शिमला (हिमाचल): आंखों की बीमारी में लगने वाला महंगा इंजेक्शन आईजीएमसी प्रशासन अस्पताल में सस्ती दर पर मुहैया करवाएगा। मेडिसिन शॉप में यह इंजेक्शन (अवास्टिन) रोगियों को करीब 24 हजार रुपए का पड़ता था, जिसे मात्र 1500 रुपए तक उपलब्ध करवाया जाएगा। हाल में हुई आईजीएमसी की आरकेएस की बैठक में इस इंजेक्शन की खरीद करने को मंजूरी दी गई है। अगले माह से इंजेक्शन आईजीएमसी प्रशासन स्वयं रोगियों के लिए मुहैया करवाएगा। प्रदेश में यह व्यवस्था पहली बार की गई है, इससे पहले पीजीआई में यह व्यवस्था है। आईजीएमसी के आई डिपार्टमेंट ने पिछले माह प्रशासन को इंजेक्शन की खरीद का प्रस्ताव भेजा था। एचओडी डॉ. एमएल पांडे्य ने बताया कि अवास्टिन इंजेक्शन की खरीद के लिए उन्होंने आईजीएमसी प्रशासन को लिखा था। रोगियों को यह इंजेक्शन महंगा पड़ रहा था। प्रशासन यदि स्वयं खरीद करेगा तो रोगी को लाभ मिलेगा तथा रोगी जब चाहे इंजेक्शन लगवा सकेगा। आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक शर्मा ने कहा कि अवास्टिन इंजेक्शन की खरीद के लिए आरकेएस की बैठक में मंजूरी दी गई है।
महीने में तीन दर्जन रोगियों को लगता है इंजेक्शन 
  • आईजीएमसी में औसतन हर माह 30 से 35 मरीज आंखों की इस बीमारी से ग्रस्त आईजीएमसी में पहुंचते हैं। सभी रोगियों को यह इंजेक्शन लगाया जाता है। इससे पहले आईजीएमसी के चिकित्सक कई रोगियों से यह इंजेक्शन मंगवाते थे। एक इंजेक्शन करीब आठ रोगियों को लगाया जाता था। मगर कई बार रोगियों के न मिलने पर डेढ़ से दो माह तक रोगी को इंतजार भी करना पड़ता था।
  • इस बीमारी में व्यक्ति को आंखों से धुंधला दिखाई देने लगता है। उसे दूर की वस्तुएं दिखाई नहीं देती। चिकित्सकों के अनुसार ब्लड प्रेशर, शुगर, आयु बढऩे के साथ व्यक्ति की आंखों से अक्सर धुंधला दिखाई देने लगता है। ऐसे में यह इंजेक्शन उन लोगों के लिए काफी सहायक सिद्ध होगा।