एंबुलेंस की लेट-लतीफी से प्रोफेसर की गई जान

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था की बदहाल स्थिति का आलम यह रहा कि एक प्रोफेसर की जान चली गई। हालांकि कमजोर तबके के अलावा अन्य वर्गों के लोगों को तो बदहाल चिकित्सा व्यवस्था का अकसर शिकार होना पड़ता है।
मामला, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का हैं। यहां प्रोफेसर डी मूर्ति को पेट में दर्द की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। आनन-फानन में डॉक्टरों ने मूर्ति का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद सुबह के वक्त प्रोफेसर की हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। हालात बिगड़ते देख डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली के लिए रेफर कर दिया।
लेकिन जेएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से छह घंटे तक एम्बुलेंस नहीं मिल सकी। नाजुक हालत में प्रोफेसर डी मूर्ति ने शाम को दम तोड़ दिया। प्रोफेसर डी मूर्ति तमिलनाडु के रहने वाले थे और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज डिपार्टमेंट के चेयरमैन थे।