दवा धंधे में रिटेल-सेल का खेल

रोहतक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500, 1000 के नोट बंद क्या किए, नित नए-नए खुलासे हो रहे हैं। ताजा मामला उस केमिस्ट जगत से जुड़ा है, जिनकी छोटी सी चूक आदमी की जान ले सकती है। पता चला है कि अधिकांश रिटेल केमिस्टों का बैंक में फर्म के नाम से कोई खाता ही नहीं है। केमिस्ट शॉप की सेल को निजी सेविंग खातों में मेन-टेन किया जा रहा है। बाकी सब कैश में चलता है। बात तब खुली जब कुछ रिटेल केमिस्टों ने होलसेलरों से माल की डिमांड की। चूंकि कैश है नहीं, तो होलसेलर ने चेक देने को कहा। केमिस्ट का जवाब आया कि उनका बैंक में फर्म का खाता ही नहीं है।
फर्म का खाता खुलवाने के लिए सेल टेक्स नंबर अनिवार्य है। दवाईयां और चिकित्सा से जुड़े सभी उपकरण टैक्स दायरे में आते हैं। सवाल उठता है कि लंबे समय से यदि ऐसा हो रहा है तो ड्रग विभाग और कर विभाग को क्यों पता नहीं चला।एक बात तो तय है कि या तो इन विभागों के जिम्मेदार अधिकारी लापरवाह है या फिर इस गोरखधंधे में शामिल हैं।