हाईकोर्ट में तलब हरियाणा के स्वास्थ्य महानिदेशक

मानकों को ताक पर रख पैथोलॉजी लैब चलाने के मामले पर सुनवाई


चंडीगढ़: हरियाणा के तमाम शहरों में अयोग्य लोगों द्वारा चलाई जा रही पैथोलॉजी लैब के मामले में अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य महानिदेशक को जवाब के लिए तलब किया। जस्टिस राजन गुप्ता ने कहा कि मुख्य याचिका में दिए आदेशों की यदि अगली सुनवाई तक पालना नहीं होती है तो दोषी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
रजिस्टर्ड पैथोलॉजी प्रैक्टिशनर्स की ओर से दायर याचिका में कहा कि पैथोलॉजी लैब के संचालन के लिए वे तय मानकों को पूरा करते हैं। लेकिन प्रदेश में लंबे समय से अवैध तरीके से योग्यता मानकों को पूरा कर, लैब टेक्नीशियंस पैथोलॉजी लैब चला रहे हैं। याचिका में पैथोलॉजी लैब संचालन के लिए मानक और नियम तय करने की मांग की थी जिससे केवल योग्य और अधिकृत लोग ही पैथोलॉजी लैब का संचालन कर सकें। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को पॉलिसी बनाकर नियम निर्धारित करने के बाद अवैध रूप से चल लैबों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सरकार ने क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट तो बना दिया परंतु अभी तक नियमों को नहीं बनाया है। राज्य सरकार ने अर्जी दाखिल कर नियम बनाने के लिए समय दिए जाने की अपील की थी। यह समय इस वर्ष फरवरी में पूरा हो गया परंतु सरकार ने नियम नहीं बनाए गए, जिस कारण अवैध तरीके से लैब चल रही है। याचिका में कहा गया कि दो साल बीत जाने के बावजूद आदेशों की पालना नहीं हुई।