सन फार्मा के बाद वोकहार्ट पर अमेरिकी एफडीए की ‘टेढ़ी’ नजर

नई दिल्ली: कुछ दिन पहले ही अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) द्वारा नामी सन फार्मा के हलोल प्लांट को लेकर जताई आपत्ति की हलचल थमी नहीं कि यूएसएफडीए ने देश की एक और बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनी वोकहार्ट के गुजरात स्थित अंकलेश्वर प्लांट में वर्कर्स को उचित ड्रेस उपलब्ध न कराने, गुड मेन्युफेक्चरिंग प्रेक्टिस नॉम्र्स के उल्लंघन करने के संदर्भ में वॉर्निंग लेटर(चेतावनी पत्र) जारी किया है। वोकहार्ट के चेयरमैन और ग्रुप सीईओ हबील खोराकीवाला को भेजे पत्र में यूएसएफडीए ने कहा कि उनकी जांच टीम ने 7-15 दिसंबर, 2015 को की गई जांच के दौरान फिनिश्ड फार्मास्युटिकल्स और एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (एपीआई)के लिए करंट गुड मेन्युफेक्चरिंग पे्रक्टिस (सीजीएमपी) रेगुलेशंस के तहत लापरवाही पाई थी। यूएसएफडीए ने इस प्लांट में बनने वाले उत्पादों के अमेरिका में आयात पर 5 अगस्त, 2016 से प्रतिबंध लगाया हुआ है।
अमेरिकी एफडीए के मुताबिक, कंपनी सुनिश्चित करने में नाकाम रही कि उसके वर्कर्स फार्मा प्रॉडक्ट्स की मिलावट से सुरक्षा के लिए उपयुक्त ड्रेस पहनें। पत्र में साफ कहा गया कि जांच टीम को कर्मचारियों के गाउन की सिलाई उधड़ी मिली। नियम के मुताबिक, फटी हुई ड्रेस पहनकर निर्माण करना उल्लंघन है। इसके अलावा फार्मा उत्पादों में माइक्रोबायोलॉजिकल मिलावट को रोकने के लिए लिखित प्रक्रियाओं काइस्तेमाल न करना भी पाया गया।
पत्र में बताया गया कि उत्पादन एरिए में हवा पूरी तरह नहीं बह रही थी और ऐसी स्थितियों में किसी प्रॉडक्ट की स्टेराइलिटी (जीवाणुरहित होने) पर असर होता है। उपकरणों में भी जांच टीम को ढेरों खामिया मिली। यूएसएफडीए की मानें तो कंपनी के लेबोरेटरी रिकॉड्र्स में जरूरी टेस्ट से मिलने वाले पूरे डेटा को भी शामिल नहीं किया गया था, न ही  वोकहार्ट ने अपने कंप्यूटर्स और सिस्टम्स पर उपयुक्त नियंत्रण रखा। इस सब की वजह से मास्टर प्रॉडक्शन और कंट्रोल रिकॉड्र्स के साथ गड़बड़ी होने की संभावना बनी रहती है।