राजधानी में फिर बिगड़ी हवा, मरीजों का घुंट रहा दम

नई दिल्ली: दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने छह स्थानों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगा रखे हैं, लेकिन इन सभी स्थानों की स्थिति अलग है। वहां पर वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक भी अलग-अलग हैं। इसलिए वहां के प्रदूषण के आंकड़े अलग ही होते हैं। ऐसे में एक तरह का एक्शन प्लान सभी जगहों के लिए कारगर नहीं हो सकता। उपरायपाल नजीब जंग की अध्यक्षता में भी बीते कुछ समय से वायु प्रदूषण पर होने वाली बैठकों में लोकल एक्शन प्लान का मुददा उठता रहा है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की एयर पल्यूशन कंट्रोल यूनिट के प्रोग्राम मैनेजर विवेक चट्टोपाध्याय का कहना है कि आनंद विहार में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले कारक अलग हैं, जबकि पंजाबी बाग में अलग। आनंद विहार की तरफ जहां उत्तर प्रदेश के डीजल चालित ट्रक व बस आबोहवा में जहर घोलते हैं, वहीं पंजाबी बाग में जाम की समस्या प्रदूषण को बढ़ा रही है। इसी तरह से एयरपोर्ट पर वायु प्रदूषण बढऩे की अलग वजहें हैं, जबकि आरके पुरम में अलग। ऐसे में इन सभी जगहों पर एक जैसे उपाय से प्रदूषण की रोकथाम संभव नहीं है। जहां पर जो कारक हैं, उसी हिसाब से एक्शन प्लान तैयार करना होगा।

वायु प्रदूषण सात गुणा बढ़ गया है। पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 और पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर है। पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन का कहना है कि वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है। लोकल एक्शन प्लान भी तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इस दिशा में कुछ ठोस उपाय किए जाएंगे। केंद्र सरकार की संस्था सफर इंडिया की मानें तो राजधानी में प्रदूषण का स्तर अभी अगले कुछ दिनों तक खराब ही रहेगा।