ड्रग इंस्पेक्टर और दवा विक्रेता दलाल रिश्वत लेते दबोचे

बैंक लॉकर और प्रोपर्टी की हो सकती है जांच 

नई दिल्ली: विजिलेंस टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर को 50 हजार रिश्वत लेते कचहरी स्थित कार्यालय से ‘दलाल’ केमिस्ट समेत पकड़ा। होल सेल मेडिकल एजेंसी का लाइसेंस जारी करने की एवज में ड्रग इंस्पेक्टर रिश्वत वसूल रहा था। विजिलेंस ने सिविल लाइन थाने ले जाकर आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर और केमिस्ट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामला मुजफ्फरनगर (यू.पी.) का है। मेरठ विजिलेंस के डिप्टी एसपी डॉ. राजीव ने टीम सहित इस कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम कचहरी स्थित ड्रग इंस्पेक्टर राजेश यादव के कार्यालय पहुंची। 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार यादव और केमिस्ट सुभाषचंद मौके पर रंगे हाथों धरे गए। खबर जैसे ही फैली, ड्रग विभाग में हलचल मच गई। सिविल लाइन थाने में दोनों के खिलाफ भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। पता चला है कि ड्रग इंस्पेक्टर मेरठ के एक कारोबारी को लाइसेंस जारी करने की एवज में 1.30 लाख रुपये की मांग कर रहा था, लेकिन सौदा 50 हजार में पट गया। दोनों को शनिवार मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा।
 
कई महीने चली रिश्वत की ‘डील’ 
ड्रग इंस्पेक्टर राजेश यादव पिछले कई महीने से सुभाष कुमार को होल सेल मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस देने में आनाकानी कर रहा था। सुभाष ने करीब नौ माह पूर्व आवेदन किया था। लेकिन तय डेढ़ लाख घूस की पेशकश के कारण लाइसेंस जारी नहीं हुआ। यह सारा खेल कार्यालय में तैनात केमिस्ट सुभाषचंद के मार्फत चल रहा था। सुभाषचंद का खतौली में मेडिकल स्टोर है। ड्रग इंस्पेक्टर की ज्यादतियों से तंग आकर सुभाष ने मेरठ विजिलेंस टीम को सूचना दी। विजिलेंस ने उच्च अधिकारियों से समन्वय कर ड्रग इंस्पेक्टर को रिश्वत की 50 हजार राशि के साथ ट्रैप कर लिया। टीम में डिप्टी एसपी डॉ. राजीव के साथ इंस्पेक्टर प्रवीन त्यागी, हाकिम यादव, ब्रजेश त्यागी, पुष्पा, एचसीपी रामदास एवं नीतू शामिल रहे।