सुप्रीम कोर्ट सख्त: दवा बांटने का सिस्टम सुधारें

टीबी रोगियों के लिए लागू होगी नई व्यवस्था,  सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर केंद्र सरकार को निर्देश,  रोज दवा न देने से बीमारी की पुनरावृत्ति की रहती है संभावना

नई दिल्ली। अब टीबी रोगियों को दवा देने की नई व्यवस्था लागू होगी। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश जारी कर दिए हैं। टीबी रोग विशेषज्ञ रमन कक्कड़ की याचिका पर प्रधान न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस एनवी रमन और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि हफ्ते में तीन बार दवाई देने की व्यवस्था अब किसी भी स्थिति में जारी नहीं रहेगी और जहां तक संभव हो नई व्यवस्था लागू की जाए। याचिका में कहा गया था कि टीबी की दवाई देने की वर्तमान व्यवस्था सिर्फ पैसे बचाने के उद्देश्य से लागू की गई है, जबकि इसकी वजह से बीमारी की पुनरावृत्ति की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं, इस व्यवस्था के कारण बीमारी और भी गंभीर होने का खतरा रहता है। कई बार रोगी के शरीर में घातक दवा प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित हो जाती है। इस स्थिति में मरीज का इलाज पहले की तुलना में और भी जटिल हो जाता है। शीर्ष अदालत ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह से कहा कि इस बीमारी की पुनरावृत्ति और इलाज के दौरान होने वाली मौतों को रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने हाल ही में यह नई व्यवस्था मंजूर की है।