कैमिस्टों के लिए जरूरी खबर…..

पीलीभीत। अब मेडिकल स्टोर्स पर टीबी की दवाएं खुलेआम नहीं बेची जा सकेंगी। इसके लिए बाकायदा जिला क्षय रोग विभाग से इजाजत लेनी होगी। अगर बिना इजाजत और जानकारी के कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक टीबी की दवा बेचता मिला तो उसे दो साल तक की जेल भी हो सकती है। टीबी के मरीजों की हर हाल में पहचान हो सके, इसके लिए सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। इसके लिए सुपरवाइजरों को भी तैनात किया जाएगा, जो मेडिकल स्टोर्स पर जाकर यह देखेंगे कि दवा टीबी के मरीजों को ही दी गई है या नहीं। इसका रिकॉर्ड मेनटेन किया जा रहा है या नहीं। बता दें कि जिले में दो सौ से अधिक मेडिकल स्टोर संचालित हैं। इन पर नजर रखने की जिम्मेदारी ड्रग इंस्पेक्टर के कंधो पर भी होगी। किस-किस मेडिकल स्टोर पर टीबी की दवा बिक रही है, इसका रिकार्ड एकत्र करने के बाद क्षय रोग विभाग को भेजा जाएगा ताकि टीबी मरीजों की वास्तविक संख्या का पता चलने के साथ ही उनकी जांच कराई जा सके। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश भट्ट ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्राइवेट डॉक्टरों के साथ-साथ मेडिकल स्टोर संचालकों को टीबी की दवा बेचने की जानकारी देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर उनको जेल तक जाना पड़ सकता है।