लाइसेंस सस्पेंड होने पर भी बनाई दवाइयां, कंपनी सील 

रुडक़ी। लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद एक फार्मा कंपनी में दवाइयों का निर्माण किया जा रहा था। इसकी खबर मिलते ही अपर उप जिलाधिकारी ने उक्त कंपनी पर रेड कर दी और मामला सही पाए जाने पर कंपनी को सील कर डाला। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानकारी अनुसार देहरादून रोड पर सालियर गांव के पास पैंथर हेल्थकेयर लिमिटेड नामक कंपनी है।  ड्रग कंट्रोलर देहरादून की सूचना पर एएसडीएम रङ्क्षवद्र ङ्क्षसह बिष्ट ने प्रशासनिक और पुलिस टीम के साथ कंपनी पर छापा मारा। कंपनी के अंदर जाकर देखा तो वहां दवाएं बन रही थी। कंपनी का लाइसेंस पांच फरवरी को अनियमितताओं के चलते ड्रग विभाग निलंबित कर चुका है। लेकिन, इसके बाद भी कंपनी में दवाइयां बनाई जा रही थी। एएसडीएम रङ्क्षवद्र ङ्क्षसह बिष्ट ने कंपनी को सील कर दिया है। उन्होंने बताया कि किसी ने ड्रग कंट्रोलर देहरादून को इस बात की शिकायत की थी। इस पर ड्रग कंट्रोलर की ओर से प्रशासन को सूचना दी गई। ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार को मामले में कंपनी मालिक के खिलाफ बिना अनुमति दवाएं बनाने के संबंध में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी का वर्ष 2017-18 में किसी दवा का सैंपल भी फेल हो चुका है।