आम आदमी को मिलेंगी सस्ती दवाइयां 

नई दिल्ली। केंद्रीय रसायन एवं उवर्रक मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने कहा कि देश के दवा उद्योग को राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना ‘आयुष्मान भारत’ में सक्रिय भूमिका अदा करने की संभावनाएं देखनी चाहिए, ताकि देश में स्वास्थ्य देखभाल को बेहतर बनाया जा सके। वे भारतीय दवा एवं चिकित्सा उपकरण सम्मेलन-2019 को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाओं की सप्लाई और उसके मैन्यूफैक्चरिंग में शीर्ष स्तर पर बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकसित और विकासशील देशों में सस्ती और बेहतर जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वाला भारत शीर्ष देश है। हम हाई क्वालिटी के विज्ञान, तकनीक, कारोबारी समझ और मूल्यों के आधार पर अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे। हम भारत में कारोबार सुगमता के लिए लगातार काम करना जारी रखेंगे और इसके लिए पहले ही कई कदम उठाए जा चुके हैं। गौड़ा ने कहा कि यह सम्मेलन बाजार में नयी, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं लाने के देश में इनोवेशन और रणनीति तय करने में मदद करने वाला एक आदर्श मंच बनेगा। मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि दवा उद्योग क्षेत्र यह तय करे कि वह कैसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना में सक्रिय भागीदारी निभा सकता है।
यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकार पोषित स्वास्थ्य योजना है। सरकार ने पिछले साल सितंबर में आयुष्मान भारत योजना पेश की थी। इसका मकसद 10 करोड़ से ज्यादा गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये वार्षिक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना है।  उद्यम मंत्री के.जे. जार्ज ने कहा कि दवा उत्पादन क्षेत्र के लिए कर्नाटक निवेशकों के लिए पहली पसंद बना है। इस क्षेत्र के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधनों की आपूर्ति के लिए यहां पर अनुसंधान तथा प्रशिक्षण केंद्रों की आवश्यकता है। इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष प्रयास करने होंगे। राज्य के कई जिलों के औद्योगिक पार्क में इस क्षेत्र के लिए भूखंड आरक्षित किए गए है। इस क्षेत्र में रोजगारों के सृजन की संभावनाएं हंै। वहीं, केंद्रीय उर्वरक तथा रसायन राज्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि जन औषधि परियोजना के कारण लोगों को सस्ते दामों पर गुणात्मक दवाएं मिल रही हैं। वर्ष 2015 में देश में जन औषधि केंद्रों की संख्या 99 थी, जो आज 5000 तक पहुंच गई है। देश के विभिन्न राज्यों में ऐसे 5 भंडारण केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस अवसर पर दवाई उत्पादन तथा चिकित्सा उपकरण उत्पादन इकाइयों में कार्यरत विभिन्न पांच कंपनियों को पुरस्कृत किया गया।