पीजीआई रोहतक की डॉ. मोहिनी को मिला ‘बेस्ट ओरल पेपर अवॉर्ड’ 

रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मेडिसन विभाग की एसोसिएट प्रो. डॉ. मोहिनी को बेस्ट ओरल पेपर अवार्ड से नवाजा गया है। डॉ. मोहिनी को यह अवार्ड 7 से 10 फरवरी तक कोच्चि में आयोजित एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया की 74वीं वार्षिक कांफ्रेंस में दिया गया। मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. कत्याल ने डॉ. मोहिनी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह अवार्ड पाकर विभाग व संस्थान का नाम रोशन किया है। डॉ. मोहिनी ने बताया कि कोच्चि कांफ्रेंस में उन्होंने ओर्गेनो फोसफोरस इंडयूस्ड डिलेड न्यूरोपैथी विषय पर व्याख्यान दिया था, जिसे काफी सराहा गया और उन्हें बेस्ट ओरल प्रस्तुतिकरण के अवार्ड से नवाजा गया। डॉ. मोहिनी ने बताया कि ओर्गेनो फोसफोरस एक तरह का पेस्टिसाइड है, जिसे कई बार इंसान गल्ती से ले लेता है या कई बार आत्महत्या करने के लिए प्रयोग करता है। ऐसे में इसको लेने के बाद मरीज का जीवन बच जाने पर उसके कुछ समय बाद दुष्प्रभाव आने शुरू होते हैं और वे मरीज के नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इसकी समय पर पहचान की जानी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि यदि दुष्प्रभावों का समय पर पता नहीं चलता है तो उससे मरीज को चलने फिरने में परेशानी आ सकती है, अपंगता आ सकती है तथा कई बार मरीज की जान पर भी बन सकती है। इसके लक्षणों की शुरूआत पैरों की मांसपेशियों से शुरू होती है और घुटनों से नीचे या हाथों में बहुत ज्यादा कमजोरी या सुन्नपन आ जाता है। ऐसे में मरीज की एमआरआई, सीएसटी या एनसीवी इत्यादि टेस्ट करवाकर उसकी बीमारी की पहचान कर समय पर उसका इलाज करवाना बहुत जरूरी है।