डॉक्टर की पर्ची बगैर बेच रहे प्रतिबंधित दवाइयां

बेगमगंज। दवाइयों की बिक्री के लिए शासन की ओर से केवल मेडिकल स्टोर ही अधिकृत होते हैं, जहां डॉक्टर की लिखी पर्ची पर दवाइयां बेची जाती हैं। इसके लिए मेडिकल स्टोर संचालक को बाकायदा लाइसेंस लेना पड़़ता है। इसके बावजूद छोटे शहरों और कस्बों  में किराने की दुकानों पर अवैध तरीके से सिरदर्द और हाथ-पैर दर्द आदि की दवाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही है। स्वास्थ्य विभाग सबकुछ जानकर भी अनजान बना हुआ है। इन दुकानों पर कुछ दवाइयां ऐसी हैं जो खांसी ठीक करने के लिए दी जाती है। लेकिन कुछ लोग इन दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहे है। जबकि बिना डॉक्टर की पर्ची के इन्हें मरीज को देना मेडिकल स्टोर पर भी प्रतिबंधित है।
गढोईपुर गांव निवासी कालूराम ने बताया कि एक मेडिकल स्टोर से जो दवा लेकर आए, उसके सेवन से उनके मासूम बेटे सोनू की तबियत और बिगड़ गई। उसे डॉक्टर के पास ले जाकर दिखाया तब पता चला कि जो दवा मेडिकल संचालक ने दो साल के बच्चे को दे दी थी, वह दवा वयस्कों के लिए दी जाती है। बीएमओ एसबी कुलकर्णी ने बताया कि मेडिकल संचालकों को ऐसी घातक दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं देना चाहिए। यदि कोई शिकायत करता है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए वरिष्ठ कार्यालय को लिखा जाएगा। वहीं, ड्रग इंस्पेक्टर केएल अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में कोई शिकायत बेगमगंज में निरीक्षण के दौरान नहीं मिली है। फिर भी इस पर नजर रखेंगे कि इस तरह दवाएं बिना डॉक्टर के पर्चे के तो नहीं दी जा रही है।