इमरजेंसी मेडिसिन पढ़ाने के लिए दो साल का अनुभव जरूरी

एमसीआई की शर्त से नया कोर्स पर फंसा पेंच

नई दिल्ली। इमरजेंसी मेडिसिन में दो साल का अनुभव रखने वाले ही पीजी पढ़ाने के योग्य माने जाएंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) नए शुरू हुए इमरजेंसी मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए उक्त शर्त लगाई है। एमसीआई की इस शर्त में पेंच यह फंस गया है कि यह कोर्स अभी नया आया है। इस कारण इसमें फैकल्टी का अनुभवी होना संभव नहीं है। इससे पीजी कोर्स की पढ़ाई शुरू करने वाले छात्रों को परेशानी से दो-चार होना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि एमसीआई की शर्त पूरी न होने पर कॉलेज की मान्यता वापस ली जा सकती है। वहीं, जो कॉलेज इमरजेंसी मेडिसिन का कोर्स शुरू करना चाह रहे हैं, उनको भी अनुमति नहीं मिल पा रही है। ज्ञातव्य है कि सडक़ हादसों और गैर संक्रामक रोगों से ग्रस्त मरीज बड़ी संख्या में अस्पतालों के इमरजेंसी विभाग में पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों का इलाज करने के लिए इमरजेंसी मेडिसिन में प्रशिक्षित डॉक्टरों की भारी कमी है। इतनी जरूरत के बावजूद एमसीआई के नए दिशा-निर्देशों के चलते पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना कठिन है।