बायोमेडिकल वेस्ट : अब नही चलेगी अस्पतालों की मनमानी

पीसीबी 1 जून से लागू करेेगा बार कोड सिस्टम
इंदौर। अस्पतालों से निकलने वाले कचरे (बायोमेडिकल वेस्ट) के लिए पहली जून से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) अब इसके लिए बार कोड सिस्टम ला रहा है। दरअसल, पीसीबी को काफी समय से शिकायतें मिल रही थी कि अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट के साथ ही प्लास्टिक भी थैली में डाल दिया जाता है। कचरा भठ्ठी (इंसीनरेटर) में प्लास्टिक डालने की अनुमति नहीं है। इससे प्रदूषण बढ़ता है। इस पर नगर निगम भी कई बार विरोध जता चुका है। जबकि नियम ये है कि अस्पतालों से निकलने वाले कचरे को कैटेगरी वाइज नीली, लाल, सफेद और पीले रंग की थैली में डालना होता है।

अब अस्पतालों में कचरे के लिए पीसीबी बार-कोड जनरेट करने जा रहा है। इस पर वजन, समय, अस्पताल का नाम और कचरे की कैटेगरी लिखी होगी। इसके लिए सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है। कचरा निपटान करने वाली कंपनी के कर्मचारी के सामने बार-कोड जनरेट होगा। इंसीनरेटर में डालने से पूर्व इसकी जांच होगी। इससे यह भी पता चल पाएगा कि किस अस्पताल से कितना कचरा निकल रहा है। इसके अलावा, अस्पतालों में सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की तरह एयर पॉल्यूशन पर भी नजर रखी जाएगी। यहां अब पुराने जनरेटर मान्य नहीं किए जाएंगे। इसमें एक साइलेंट डिवाइस लगवाना होगा, जो ध्वनि और वायु प्रदूषण मापेगा। इसकी जानकारी पीसीबी को देनी जरूरी होगी।