दवा जगत का भारत बंद : मुर्ख बनाओ कुर्सी बचाओ

अंबाला: ऑल इंडिया ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन (एआईओसीडी) के पत्र क्रमांक aps/aiocd//414/2017 दिनांक 2 मई, 2017 के माध्यम से राष्ट्रभर के दवा विक्रेता आगामी 30 मई को राष्ट्रीय स्तर पर एक दिन दवा व्यापार बंद रखकर ऑनलाइन फार्मेसी का विरोध दर्ज करवाएंगे ।दवाजगत के भारत बंद की घोषणा पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। एक तो राष्ट्रीय संगठन की आपसी फूट के कारण धरातल पर आधार खिसकने से बंद की सफलता पर संदेह हो रहा है, वहीं सूत्र बताते हैं कि शीर्ष नेताओं ने ऑनलाइन फार्मेसी की अपने व्यपारिक प्रतिष्ठानों पर सरकारी अनुमति भी ले रखी है। तो फिर आम दवा विक्रेता की रोजी रोटी पर एक दिन की ‘लात’ किस मकसद से मारी जा रही है।
        यदि रिटेलर किसी कारण एक दिन दुकान बंद करे तो उसका व्यपारिक चक्र पूरी तरह बिगड़ जाता है। अधिकांश रिटेलर रोज  रोज कुआं खोदकर रोज पानी पीने की प्रणाली पर कार्य करता है। जिस दिन दुकान बंद अगले दिन रोटी की चिंता। संगठनों के कर्ता-धर्ता खुद तो ऑनलाइन कार्य कर रहे हैं और  रिटेलर-होलसेलरों को विरोध के लिए उकसा रहे हैं।
उधर, नीति आयोग की सिफारिश पर केंद्र सरकार द्वार ऑनलाइन फार्मेसी एवं ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में नए बदलाव करवा जा चुके हैं। ये सब संगठन के शीर्ष नेताओं के संज्ञान में भी है, लेकिन इसे साझा करने से बच रहे हैं चौधर बनी रहे। दवा जगत में चर्चा गरम है कि बंद के पीछे कहीं निजी हित तो नहीं?