नशामुक्त अभियान में पुलिस के सहयोग पर हरियाणा स्टेट ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन ने रोहतक प्रधान महेंद्र सिंह चावला (रूबी) की पीठ थपथपाई

रोहतक। हरियाणा स्टेट ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन (एचएसडीसीए) ने पत्र जारी कर मीडिया/सोशल मीडिया में छपी उन सारी खबरों को विराम दे दिया है, जिसमें यह कहा जा रहा था कि महेंद्र सिंह चावला (रूबी) रोहतक के जिला प्रधान नहीं है। मेडीकेयर न्यूज को भेजे पत्र में एसोसिएशन के राज्य महासचिव अशोक सिंगला ने तस्दीक की है कि वर्ष 2015 से रूबी चावला ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त एचएसडीसीए की रोहतक ईकाई के प्रधान और जेगेंद्र दलाल महासचिव हैं। एचएसडीसीए ने यह भी स्पष्ट किया कि रूबी चावला के अलावा कोई खुद को प्रधान घोषित करता है तो उसे स्वयंभू प्रधान की संज्ञा दी जाए। जिले में केमिस्टों के हितों से जुड़े मामलों पर रूबी चावला को सरकार या प्रशासन के किसी भी मंच पर बतौर जिला प्रधान अपनी बात रखने के सारे अधिकार एसोसिएशन ने दिए हैं।
बीती 20 मई को नशा मुक्त अभियान को लेकर रोहतक के पुलिस अधीक्षक पंकज नैन और ड्रग ऑफिसर मनदीप मान की संयुक्त उपस्थिति में विकास सदन में बुलाई गई केमिस्टों की बैठक के बाद मेडीकेयर ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर छपी खबर में रूबी चावला को स्वयंभू प्रधान और नशा कारोबिायों को संरक्षण दिए जाने की बात पर भी एचएसडीसीए ने कड़ा ऐतराज जताया। एसोसिएशन ने हवाला दिया कि हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को रोहतक जिले में मजबूती प्रदान करने में जुटे ड्रग और स्वास्थ्य विभाग के  पीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सहयोग देने के लिए रूबी चावला की पीठ थपथपाई गई थी।
      मेडीकेयर न्यूज के मार्फ़त एसोसिएशन पुलिस अधीक्षक पंकज नैन को भी आश्वस्त करती है कि प्रधान महेंद्र सिंह चावला के नेतृत्च में रोहतक इकाई कार्य कर रही है।
कैमिस्ट एसोसिएशन के अलावा भी चावला सामाजिक सुधार के कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं, जिसकी पुष्टि न केवल प्रशासनिक अफसर करते हैं बल्कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर तथा स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अकसर अपने कार्यक्रमों में करते हैं। मेडीकेयर में छपी खबर के बाद जब जिला केमिस्ट प्रधान रूबी चावला से बात की गई तो उन्होंने सहज भाव से कहा कि उनका ध्येय अच्छी नीयत के साथ जिले में केमिस्टों को नशामुक्त दवा कारोबार करने के लिए जागरुक करना है। रही बात प्रधान पद को लेकर तो पुलिस अधीक्षक और ड्रग विभाग के साथ बैठक में जिले के करीब 150 केमिस्टों की हाजिरी अपने आप में सबूत है कि उनके नेतृत्व में केमिस्ट एसोसिएशन 2015 से बेहतर दिशा में आगे बढ़ रही है। अगर वह गलत होते तो देश के प्रमुख समाचार पत्रों में उनके काम की तारीफ क्यूं होती।
एचएसडीसीए की स्टेट इकाई और जिला इकाई का आरोप है कि मेडीकेयर के ऑनलाईन न्यूज पोर्टल पर छपी खबर पढऩे से दुर्भावना और दबाव की बू आ रही है, जो मीडिया के नैतिक मूल्यों के खिलाफ है। उधर,  मेडीकेयर ऑनलाइन न्यूज पोर्टल प्रमुख ने संवाददाता को हिदायत दी कि सभी लोगों का पक्ष जाने बिना खबर लिखने से भविष्य में बचा जाए।
संपादक ने मेडीकेयर न्यूज के सभी माध्यमों में काम करने वाले सहकर्मियों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग या केमिस्ट एसोसिएशनों के आपसी विवादों में उलझना या किसी एक पक्ष को समर्थन कर दूसरे व्यक्ति की छवि खराब करना अखबार का धर्म नहीं होना चाहिए। सही और गलत को निष्पक्ष रूप से परखने के बाद ही गरिमापूर्ण ढंग से खबर का प्रकाशन करें।