बस थोड़ी-थोड़ी पिया करो 

रोहतक। ‘बहुत महंगी हुई शराब कि थोड़ी-थोड़ी पिया करो…’ आपने पंकज उद्यास की गाई ये गजल तो अक्सर सुनी होगी। अब उनकी ये सलाह आपके स्वास्थ्य को बरकरार रखने के लिए भी जरूरी हो गई है। दरअसल, शराब का औसत सेवन पुरुषों के लिए सप्ताह में 14 पैग जबकि महिलाओं के लिए सप्ताह में 7 पैग आदर्श पैमाना माना गया है। हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार जो महिलाएं शराब का सेवन बिल्कुल बंद कर देती हैं उनके मानसिक स्वास्थ्य में काफी सुधार हो सकता है। शोधकर्ताओं ने अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन अल्कोहल एब्यूज एंड अल्कोहलिज्म द्वारा किए गए 31,079 लोगों के प्रतिनिधि सर्वेक्षण के आंकड़ों के साथ अपने निष्कर्ष की तुलना की। इस शोध में पता चला कि लगभग 64 फीसदी पुरुष शराब का सेवन नहीं करने वाले थे। जबकि महिलाओं में ये संख्या लगभग 88 फीसदी थी। जो महिलाएं पहले शराब का सेवन करती थीं, लेकिन अब पूरी तरह से इस लत से बाहर आ चुकी हैं उनकी मानसिक स्थति में अच्छा सुधार देखा गया। यहां हम आपको बता दें कि अगर आपको लगता है कि कम मात्रा में शराब पीने से आपको ज्यादा नुकसान नहीं होगा, तो आपको फिर से सोचने की जरूरत है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि शराब छोडऩे से पूरी तरह से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। खासकर महिलाओं के लिए यह अधिक कारगर है।
फिलहाल यह शोध विदेशी नागरिकों पर हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध भारतीय नागरिकों पर भी किया जा सकता है। गुरुग्राम के नारायणा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के परामर्श चिकित्सक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी नवीन कुमार के मुताबिक, एक महीने के लिए भी शराब छोडऩा पेट और शरीर की रस प्रक्रिया (मेटाबॉलिक) सिस्टम को दुरुस्त करने में मदद कर सकता है और इसके लक्षणों को खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ को भी बढ़ावा देता है। नवीन ने कहा कि एक स्वस्थ मस्तिष्क और जिगर के लिए शराब से परहेज अनिवार्य है। एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली और दिल के लिए भी शराब से दूरी बनानी जरूरी है। खासकर महिलाओं पर शराब का प्रभाव अधिक हानिकारक है। नोएडा के जेपी अस्पताल में वरिष्ठ परामर्श चिकित्सक मृणमय कुमार दास के अनुसार, शराब हमारे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के लिए हानिकारक है और हमारी मनोदशा में उतार-चढ़ाव ला सकती है। शराब हमारे मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को कम करती है। इसके नियमित सेवन से मस्तिष्क का रसायन विज्ञान बदल जाता है जिससे मस्तिष्क स्वास्थ्य में गिरावट आती है। बता दें कि एक स्वस्थ मस्तिष्क और जिगर के लिए शराब से परहेज अनिवार्य है। शराब हमारे मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को कम करती है। इसके नियमित सेवन से मस्तिष्क का रसायन विज्ञान बदल जाता है जिससे मस्तिष्क स्वास्थ्य में गिरावट आती है।
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