औषधि विभाग को पुलिस पर नहीं भरोसा, खुद करेंगे कार्रवाई

                               1.72 करोड़ की नकली दवा जब्त करने का मामला
जयपुर। औषधि नियंत्रक संगठन ने नकली दवा कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी कर 1.72 करोड़ रुपए की दवाएं जब्त की थी, लेकिन दस दिन बीतने और 6 राज्यों को अलर्ट जारी करने के बावजूद अभी तक इस संबंध में संगठन ने आरोंपी के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई और न ही दवा निर्माता कंपनी का पता लगाया है। इस बारे में ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि नकली दवाओं पर कार्रवाई के लिए हम पुलिस की मदद नहीं लेंगे। खुद ही दूसरे तरीके अपनाएंगे। इसके लिए सरकार से संपर्क साधा है। दरअसल, पहले भी इस तरह के मामलों में जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, पुलिस उनको पकड़ ही नहीं पाई है। अब जब्त दवा सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी। बता दें कि औषधि नियंत्रक संगठन ने 2 जून को अजमेर रोड स्थित दवा विक्रेता विनोद कुमार, कमला एंटरप्राइजेज से करीब 50 लाख कीमत की दवाएं जब्त की थी। कमला एंटरप्राइजेज के पास दवा का सेल लाइसेंस था, मगर स्टॉक लाइसेंस नहीं था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नकली एंटीबायोटिक बनाने पर ही जोर दिया क्योंकि एंटीबायोटिक सभी बीमारियों में काम आती है। विनोद कुमार के अन्य ठिकानों से कुल 1.72 करोड़ रुपए कीमत की नकली दवाएं बरामद की जा चुकी हैं।