नई ड्रग पॉलिसी के विरोध में कल तय होगी रणनीति

अम्बाला ( बृजेन्द्र मल्होत्रा )। पंजाब सरकार में नए स्वास्थ्य मंत्री के आते ही जहां पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के साथ सौहार्दपूर्वक माहौल में बैठक हो चुकी है जिसमें सेहत मंत्री द्वारा सरकार तथा संगठन के किसी भी टकराव को दूर करने के लिए अपना निर्णय स्पष्ट किया, वहीं पलक झपकते ही नई ड्रग पॉलिसी को हरी झंडी दे दी। यह पंजाब के दवा विक्रेताओं को किसी भी सूरत में मंजूर नहीं। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष व महासचिव द्वारा समय-समय पर पंजाब सरकार, राज्य औषधि नियंत्रक, स्वास्थ्य सचिव ,कमिश्नर स्वास्थ्य व मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला लाया गया कि नई ड्रग्स पॉलिसी लागू करने से पूर्व संगठन को भरोसे में लें ताकि नई औषधि नीति को लागू करने में दवा व्यवसायियों को होने वाली समस्याओं के चलते ड्रग पॉलिसी का लक्ष्य जो सरकार ने निर्धारण किया वह फेल ना हो तथा निर्णय जनहित में सार्थक परिणाम लाए।
पीसीए के पदाधिकारियों ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि हमारी बार-बार मांग के बावजूद सरकार हमारे पत्रों, ई मेल को अनदेखा कर दमन नीति की ओर अग्रसर हो रही है जिससे पीसीए व सरकार के मध्य टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है जिसके चलते 15 सितंबर 2019 को लुधियाना में सभी जिला अध्यक्ष एवं महासचिव की एक आपात बैठक बुलाई गई है। इस बैठक की भनक लगते ही 11 सितंबर को राज्य औषधि नियंत्रक द्वारा एक पत्र जारी किया गया कि चंडीगढ़ में दवा संगठन एवं सेहत मंत्री के मध्य ड्रग पॉलिसी को लेकर एक बैठक होने जा रही है जिसकी पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के किसी भी पदाधिकारी को सूचना नहीं थी। पंजाब के सेहत मंत्री द्वारा पीसीए अध्यक्ष सुरेंद्र दुग्गल को फोन से सूचित किया कि एक-दो दिन में पीसीए के साथ बैठक आहूत की जाएगी परन्तु समाचार लिखने तक बैठक की कोई सूचना सार्वजनिक नहीं हो पाई।
दोनों संदेशों से ऐसा प्रतीत होता है कि औषधि प्रशासन एवं स्वास्थ्य मंत्री के बीच बिना तालमेल के औषधि नियंत्रक पंजाब द्वारा पत्र निकाल दिया गया परंतु राज्यभर के दवा व्यवसायियों के हितों की रक्षा करने के लिए वचनबद्ध पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन पूर्ण रूप से सदस्यों के हित में कोई भी निर्णय पदाधिकारियों की सहमति से लेने के लिए वचनबद्ध है, इसलिए 15 सितंबर 2019 को होने वाली बैठक को अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा सभी सदस्यों से अपने-अपने विचार इस बारे बैठक के दौरान सदन पटल पर रखने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार के अडिय़ल रवैये के चलते पंजाब के दवा व्यवसायियों की व्यवसायिक परेशानियों को दूर करने को 15 तारीख को सदस्यों की सहमति के पश्चात एक दिवसीय या लंबी हड़ताल को अंतिम रूप दिया जा सकता है। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी पल-पल की सूचना राष्ट्रीय कार्यालय को इस आशय से भेज रहे हैं कि जरूरत पडऩे पर पंजाब के दवा विक्रेताओं के साथ पूरा देश खड़ा हो सके।