औषधि उप नियंत्रक को दो वर्ष की सजा

रायपुर (छ.ग.): केमिकल फर्म आनंदी केमिकल्स का रिपैकिंग लाइसेंस बनाने के लिए रिश्वत लेने के आरोपी औषधि उप नियंत्रक एस.बाबू को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश एवं प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार जैन की अदालत ने 2 अलग-अलग धाराओं के तहत 2-2 वर्ष की सजा तथा 2 लाख रुपए जुर्माना किया है।
     मामले में आनंदी केमिकल्स के तोषण चंद्राकर ने रिपैकिंग लाइसेंस बनाने के लिए 2 अगस्त 201& को नियंत्रक खाद्य एवं औषधि विभाग रायपुर में आवेदन दिया था। औषधि उप नियंत्रक ने लाइसेंस बनाने के एवज में 1 लाख रुपए मांगे, यह सौदा 50 हजार रूपए में तय हुआ। जिसकी शिकायत तोषण चंद्राकर ने भ्रष्टाचार निवारण कार्यालय में की, 20 अगस्त 201& को औषधि उप नियंत्रक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था।