अवैध ड्रग डी-एडिक्शन सेंटरों पर लगेगा ताला

जम्मू। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त अटल ढुल्लू का कहना है कि राज्य में बिना इजाजत चल रहे ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर्स को बंद करवाया जाएगा। उन्होंने संभाग स्तर पर आयोजित डी एडिक्शन सेंटर मानीटरिंग कमेटी की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस बात का पता लगाएं कि राज्य में कहां पर निजी ड्रग डी एडिक्शन सेंटर चल रहे हैं। उनके दस्तावेजों की जांच की जाए। जिनके पास पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें तुरंत बंद करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जनवरी से अनंतनाग, बारामुला और कठुआ मेडिकल कॉलेज में ड्रग डी एडिक्शन सेंटर काम करना शुरू कर देगा। जिला स्तर पर काउंसलिग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिनमें नशे के आदी युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बैठक में मौजूद सदस्यों ने कहा कि ड्रग डी एडिक्शन सेंटरों पर नजर रखने की जरूरत है। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी सेंटर का क्लीनिकल इस्टेबलिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण हो। पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे ड्रग डी एडिक्शन सेंटर में जो कमी है, उसे दो माह में पूरा कर लिया जाए। सेंटर में चौबीस घंटे मनोरोगी डॉक्टर को नियुक्त किया जाए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. रेनू शर्मा, स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. मुश्ताक अहमद, ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन की कंट्रोलर लोतिका खजूरिया, ज्वाइंट डायरेक्टर प्लेनिग मदन लाल मौजूद रहे।