जीएसटी के तीन सप्ताह बाद ही करीब 300 दवा नदारद

जयपुर: गुड्स सर्विस टैक्स यानी (जीएसटी) लागू होने के तीन सप्ताह बाद ही सरकारी अस्पतालों की निशुल्क दवा सप्लाई प्रभावित होने लगी है। चूंकि दवा कंपनियों के सॉफ्टवेयर अभी तक अपडेट नहीं हो रहे, इस कारण ऑफलाइन दवा दी जा रही है। फिलहाल सॉफ्टवेयर में जीएसटी लागू करने का विकल्प ही ठीक से नहीं आता जो बिलिंग की राह में बड़ी बाधा है। ताजा मामला राजस्थान के नागौर जिले का है जहां सरकारी ड्रग हाऊस में 400 में से 300 दवाएं या तो कम है या आगे से सप्लाई नहीं आ रही है। जीएसटी लागू होने के बाद अब तक मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (आरएमएससी) ने नागौर ड्रग डिपो में कोई बड़ी सप्लाई नहीं दी।
         ड्रग हाऊस प्रभारी राजेश पाराशर का कहना है कि वर्तमान में ऑफलाइन आपूर्ति हो रही है। जीएसटी लागू होने के बाद से ही सॉफ्टवेयर की परेशानी बनी हुई है। हालात कब सुधरेंगे, कुछ कहा नहीं जा सकता। अस्पतालों में प्रतिदिन की जरूरी दवाएं भी नहीं मिलती। चमड़ी रोग, सामान्य एंटीबायोटिक भी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है। एक अनुमान के मुताबिक, लोगों ने 20 लाख रुपए से ’यादा की राशि दवाएं खरीदने में खर्च कर दी है। जयपुर से आने वाली दवाओं की आपूर्ति में &0 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
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