पीएम मोदी ने दवा कंपनियों को दी चेतावनी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की शीर्ष दवा निर्माता कंपनियो को मार्केटिंग की नैतिकता का सख्ती से अनुपालन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने इन कंपनियों से डॉक्टरों को रिश्वत के रूप मे महिलाओं, विदेशी यात्राओं और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का प्रलोभन देने से बाज आने की हिदायत दी है। पीएम मोदी ने यह बात नई दिल्ली में जॉयडस कैडिला, टॉरेंट फार्मास्यूटिकल्स और वॉकहार्ट सहित कई शीर्ष दवा कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात के दौरान कही। सरकार के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मार्केटिंग स्ट्रेटेजी (विपणन रणनीति) के तहत अनैतिक व्यवहारों संबंधित मुद्दा अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गया है, जिसने इसका संज्ञान लिया और कुछ शीर्ष दवा निर्माताओं को कॉल कर उनकी पीएम के साथ बैठक तय की। प्रधानमंत्री ने दवा निर्माताओं से स्पष्ट रूप से कहा है कि विपणन की नैतिक प्रथाओं का अनुपालन ना किया जाना, सरकार को एक सख्त कानून बनाने के लिए मजबूर कर रहा है। उन्होंने इस बारे में एक वैधानिक प्रावधान (स्टॅचुटरी प्रोविजन) लाने के बारे में चेतावनी दी और यह संकेत भी दिया कि रसायन और उर्वरक मंत्रालय को इस पर काम करना शुरू करने के लिए कह दिया गया है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक मे जॉइडस कैडिला के पंकज पटेल, टोरेंट के सुधीर मेहता और वॉकहार्ट के हैबिल खोराकवाला जैसे शीर्ष अधिकारियों के अलावा अपोलो हॉस्पिटल्स के उच्चस्थ पदाधिकारी भी उपस्थित थे। यह सारी कवायद एक एनजीओ द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद की जा रही है। इस रिपोर्ट में यह बताया गया था कि इन कंपनियों द्वारा नियुक्त चिकित्सा प्रतिनिधि (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स अथवा एमआर) डॉक्टरों के साथ सीधे अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार हेतु संपर्क करते हैं। अक्सर उन्हें विदेशी यात्राओं, महंगे स्मार्टफोन और यहां तक कि महिलाओं के साथ संबंध बनाने जैसे रिश्वत और प्रलोभन देते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई बार ये एमआर कारों की खरीद, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में भागीदारी, ऑनलाइन शॉपिंग वाउचर का भी भुगतान करते हैं।

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