निजी अस्पताल का डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव, कैनेडा से आए मरीज का किया था इलाज

चंडीगढ़। कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में अब इलाज करने वाले डॉक्टर्स भी आने लगे हैं। पिछले दिनों चंडीगढ़ पीजीआई में एक डॉक्टर व नर्स को कोरोना के लक्षण पाए गए थे, वहीं अब मोहाली के मायो हॉस्पिटल में कोरोना वायरस से संबंधित इलाज व टेस्ट कराने कैनेडा से आए एक दंपती का चेकअप करने के बाद डॉक्टर खुद मरीज हो गया है। उसने खुद ही सैंपल चंडीगढ़ जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मूल रूप से डॉक्टर चंडीगढ़ का रहने वाला है। अब वह डॉक्टर चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 में भर्ती होने के बजाय अपने ही हॉस्पिटल में खुद ही अपना इलाज कर रहा है। यह मेडिसिन का डॉक्टर है और अब वहां एनेथिसिया के डॉक्टर के साथ मिलकर अपना इलाज कर रहा है।
जानकारी के अनुसार मोहाली स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में उक्त डॉक्टर काम करता है। गत 19 मार्च को एक दपंती उनके पास कोरोना वायरस के इलाज के लिए आया था। पति-पत्नी ने डॉक्टर को बताया था कि वे चंडीगढ़ में रहते हैं और हाल ही में कैनेडा से लौटे हैं। जांच और इलाज के लिए जरूरी दवाए लेने के बाद वे लौट गए। उसके बाद से उक्त डॉक्टर की तबीयत खराब होने लगी। अधिक समय होने के बाद डॉक्टर को खुद में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए। तब उसने खुद अपना सैंपल लेकर चंडीगढ़ भेजा, जिसकी रिपार्ट अब पॉजिटिव आई है, लेकिन यह डॉक्टर अभी भी खुद ही अपना इलाज कर रहा है, वह चंडीगढ़ के सेक्टर 32 के हॉस्पिटल में बनाए गए स्पेशल सेंटर में नहीं गया है। इससे वहां काम करने वाले और एडमिट मरीजों को खतरा है। दशमेश नगर निवासी 65 साल के ओम प्रकाश की जो कोरोना चेन सामने आई है, उसमें उसके परिवार तथा मोहल्ले के 43 लोग शामिल हैं। इसमें 8 लोग उसके घर से संबंधित हैं, जबकि 4 लोग मकान मालिक से संबंधित हैं। पारिवार के 8 सदस्यों में 4 की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 31 लोगों को प्रशासन की ओर से घरों में रहने के लिए कहा है। सभी के घरों के बाहर होम क्वारेंटाइन के पोस्टर भी चस्पा दिए हैं। पुलिस ने पूरे एरिया को नाकाबंदी करके सील कर दिया और सोडियम हाईपोक्लोराइड की स्प्रे से गली मोहल्लों को सेनेटाइज किया जा रहा है। इस हॉस्पिटल में इस समय 25 डॉक्टर्स, 45 नर्सिस और अन्य स्टाफ मिलाकर लगभग 125 लोगों का स्टाफ है। वहीं इस हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में विभिन्न बीमारियों के 12 मरीज जबकि वार्ड में 12 से 14 मरीज पहले से भर्ती हैं। जिनको लेकर अभी तक मोहाली पुलिस प्रशासन ने कोई सतर्कता नहीं दिखाई है। जबकि नियमानुसार इतना सब कुछ होने के बाद पुलिस प्रशासन को उक्त हॉस्पिटल को सील कर देना चाहिए था। जानकारी के अनुसार जहां उक्त डॉक्टर एडमिट है, वहां काम करने वाली 45 के करीब नर्सिस में से अधिकतर नर्सें पीजी में रहती हैं। साथ ही अन्य स्टाफ भी रोज अपने घर जाता है। अब यह कहना मुश्किल है कि नर्सें व अन्य स्टाफ अब तक कितने लोगों के संपर्क में आ चुके होंगे, लेकिन पुलिस प्रशासन है कि अब तक केवल डॉक्टर के संपर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट ही मांग रहा है। डॉक्टर ने बताया कि जब कैनेडा का दंपती उसके पास इलाज के लिए आया था तो उसने मोहाली पुलिस प्रशासन को उससे संबंधित जानकारी दे दी थी। यहां तक की दंपती का एड्रेस भी प्रशासन को दे दिया था लेकिन पुलिस प्रशासन ने इस संबंध में कोई सतर्कता नहीं दिखाई। अब तक उस दंपती के बारे में प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है। अब डॉक्टर संक्रमित होने के बाद भी प्रशासन डॉक्टर के एक मीटर के दायरे के संपर्क में आने वाले लोगों की अस्पताल प्रशासन से केवल सूची मांग रहा है, कोई ठोस एक्शन नहीं ले रहा है, जिसके चलते संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़ सकता है।