रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की होड़ में हो सकता है नुकसान,पढ़िए ये खबर

देहरादून। जबसे कोरोना ने महामारी का रूप लिया है, तबसे इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लोग तमाम तरह के प्रयास करने लगे हैं। कोरोना वायरस से जंग जीतने में जिंक, विटामिन सी और डी मददगार बनी हैं, ऐसे में इन दवाओं की खपत भी बढ़ गई है। गांधी शताब्दी अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीण पंवार का कहना है कि इम्यून सिस्टम एक-दो दिन या एक-दो हफ्तों में मजबूत नहीं होता। इसके लिए आपको नियमित रूप से अपने खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है। हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए विटामिन-सी या कोई भी सप्लीमेंट का प्रयोग बिना डॉक्टर की सलाह नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों की मानें तो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का कोई जादुई फॉर्मला नहीं है। यह एक लंबी प्रक्रिया है। इसलिए इम्युनिटी बढ़ाने के उपाय करें, लेकिन संतुलन न बिगाड़े। किसी भी उत्पाद का अनुशंसित मात्रा में उपयोग करने से कोई नुकसान नहीं होता है। लेकिन, कई ने खुराक, उपभोग के तरीके और पहले से चल रही दवाओं के साथ तालमेल बैठाए बिना तरह-तरह की दवाओं का सेवन शुरू कर दिया है। कुदरती आहार के माध्यम से शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति ही सवरेत्तम तरीका है। उन्होंने बताया कि जिंक और विटामिन-सी हमारे शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक हैं। जिंक का डीएनए निर्माण, स्वाद परखने, चोट लगने पर जल्द सूखने के साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम योगदान होता है।

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