डॉ. राजेश राजपूत की उपलब्धि से अभिभूत पीजीआई

रोहतक। ठीक से 24 घंटे भी नहीं बीते थे जब पीजीआई के नए ऑडिटोरियम में हेल्थ यूनिवर्सिटी के स्थापना दिवस पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भरे सभागार में कुलपति डॉ. ओपी कालरा को डॉ. बीसी राय सम्मान की बधाई दे रहे थे कि पीजीआई के आंगन में एक और गौरवशाली उपलब्धि का आगमन हुआ। इस बार पीजीआई को यह गौरवशाली क्षण प्रदान किया एंडोक्राइनोलोजिस्ट एवं मेडिसन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश राजपूत ने। कुलपति डॉ. कालरा के मुताबिक, किसी भी एंडोक्राइनोलोजिस्ट को मिलने वाली पीजीआई ही नहीं, पूरे हरियाणा में पहली फैलोशिप है, जो चिकित्सा क्षेत्र में प्रतिष्ठित स्थान रखती है।
उपलब्धि से उत्साहित डॉ. राजेश राजपूत ने बताया कि अमेरिका में 25 से 29 मई तक 25वीं अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ क्लीनिकल एंडोक्रीनोलोजिस्ट वार्षिक कांफ्रेंस में उन्हें इस क्षेत्र में बेहतर काम के लिए फैलोशिप ऑफ अमेरिकन कालेज ऑफ एंडोक्राईनोलोजी (फेस) से नवाजा गया। अमेरिकी कालेज ऑफ एंडोक्राइनोलोजी एक वैज्ञानिक, शैक्षणिक एवं धमार्थ चिकित्सा संस्थान है, जो मधुमेह, नैदानिक एंडोक्राइनोलोजी और चयापचय के विज्ञान को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सुधार में अग्रणी है।
डॉ. राजपूत ने ट्राईमेस्टर स्पेसिफिक रेफरेंस इंटरवेल फॉर थायराइड हॉरमोनस डयूरिंग प्रेगनेंसी एट ए ट्रचरी केयर अस्पताल इन हरियाणा, भारत के बारे में बताते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं मे थायराइड की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल इसकी प्रतिशतता 18 से 20 है। अभी वैस्टर्न डाटा अनुसार इसका इलाज किया जा रहा था। उन्होंने करीब 1400 से अधिक महिलाओं पर शोध कर डाटा तैयार किया, जिससे अपने देश की गर्भवती महिलाओं का जरुरत अनुसार इलाज हो सके। उपकुलपति डॉ.वी.के.जैन, कुलसचिव डॉ. एच.के.अग्रवाल, निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने सामुहिक रूप से खुशी जाहिर करते हुए इसे पीजीआई के इतिहास में सुनहरा क्षण बताया।