भारत में 83.4 प्रतिशत सर्जन की कमी

नई दिल्ली: ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य देखरेख सुविधाओं की दयनीय स्थिति को दर्शाते हुए सरकार ने उच्च सदन को बताया कि चिकित्सकों और सर्जनों की उपलब्धता वर्ष 2014-15 में आवश्यकता के मुकाबले क्रमश: 83 प्रतिशत और 83.4 प्रतिशत घट गई।
स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, वर्ष 2014-15 के ग्रामीण स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों के अनुसार देश में 83.4 प्रतिशत सर्जनों,  76.3 प्रतिशत प्रसूति विशेषज्ञों और स्त्री रोग विशेषज्ञों, 83 प्रतिशत चिकित्सकों और 82.1 प्रतिशत बाल रोग विशेषज्ञों की कमी थी।  राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को अपनी स्वास्थ्य देखरेख
प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायता देने वले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम ने राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को करीब 1.88 लाख अतिरिक्त स्वास्थ्य कर्मी उपलब्ध कराए। मंत्री ने कहा कि  इसमें संविदा के आधार पर 7263 सामान्य सेवा चिकित्सा अधिकारी, 3355 विशेषज्ञ, 17362 पराचिकित्सक 73154 एएनएम, 40 847 स्टाफ नर्स 24890 आयुष चिकित्सक 6005 आयुष पराचिकित्सक शामिल हैं।