मेडिकल एजुकेशन में सुधार के लिए अनिल विज ने की केंद्रीय कानून लाने की मांग

Union Minister of Health and Family Welfare, Mr J.P.Nadda being presented with a copy of suggestions to further improve health services by Haryana Health Minister, Mr. Anil Vij during a meeting on the issue of National Eligibility-cum-Entrance Test (NEET) with Health Ministers of various States in New Delhi on May 16,2016.
नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों का सम्मेलन
 एनईईटी पर चर्चा के दौरान हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने रखी मांग
चंडीगढ़: हरियाणा के स्वास्थ्य एïवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनिल विज ने मेडिकल डेंटल कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा के लिए केंद्रीय कानून की आवश्यकता बल दिया। इससे विद्यार्थियों के भविष्य का संरक्षण करने में सहायता मिलेगी।
विज ने दिल्ली में यह बात केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित राष्टरीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) को लेकर राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में कहीं। उन्होंने कहा कि देश भर में मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए कॉमन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) परीक्षा के निर्णय का हरियाणा स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में वर्तमान समय में चार निजी व चार सरकारी मेडिकल कॉलेज तथा 11 डेंटल कॉलेज है, जिनमें दाखिला पूर्व में एआईपीएमटी के माध्यम से होता रहा है।