ब्लैक फंगस की दवाओं की कालाबाजारी, नर्स समेत पांच लोग गिरफ्तार

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक प्रमुख दवा की कालाबाजारी के आरोप में दवा दुकान के मालिक और नर्स समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार आरोपी म्यूकरमाइकोसिस रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन की शीशी वास्तविक मूल्य 7,814 के बजाय 21 हजार रुपये में जबकि कोविड-19 रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले बेवसीजुमैब इंजेक्शन की शीशी वास्तविक कीमत 54 हजार के बजाय 65 हजार रुपये में बेच रहे थे।

पिंपरी-चिंचवड़ के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ”हमें सूचना मिली थी कि कुछ लोग म्यूकरमाइकोसिस दवा की कालाबाजारी में संलिप्त हैं और ऊंचे दामों पर उन्हें बेच रहे हैं। इसके बाद नकली ग्राहक की मदद से एक आरोपी से संपर्क किया गया।” एक आरोपी ने एम्फोटेरिसिन बी दवा की शीशी की कीमत 21 हजार रुपये बताई, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान उसने अन्य आरोपियों के नाम बताए, जिनमें एक दवा दुकान मालिक और एक नर्स शामिल थी। सभी आरोपियों को भारतीय दंड संहिता, औषधि दाम नियंत्रण आदेश तथा आवश्यक वस्तुएं अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।