नकली आयुर्वेदिक दवा बेचने के कारोबार का भंडाफोड़, 5 काबू

झारखंड। झारखंड बंगाल बॉर्डर से सटे सीमावर्ती इलाके के पास से भारी मात्रा में नकली आयुर्वेदिक दवा बंगाल पुलिस ने बरामद की है। इन नकली दवाओं की सप्लाई झारखंड, बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में की जाती थी। जब्त दवाओं की कीमत लाखों में बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दवाइयों में कई प्रकार के केमिकल, मधु, सोडा, गुड़, पैरासिटामोल की गोली और बैटरी का पानी, नारियल का तेल इत्यादि की मिलावट से आयुर्वेदिक दवाई बनाई जाती थी। इसके बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में सप्लाई की जाती थी। पुलिस ने बताया कि पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। सभी से पूछताछ के लिए न्यायालय से 14 दिनों के लिए रिमांड पर लेने का अनुरोध किया गया है। जल्द ही बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकेगा।

दरअसल, ये मामला बंगाल के वर्धमान जिला के कुल्टी थाना का है। एसीपी मो. उमर अली मोल्लाह ने बताया कि हनुमान चढ़ाई के बाउरी पाड़ा के रहने वाले रितेश कुमार गुप्ता के घर पर पुलिस ने छापेमारी की। जहां अवैध रूप से बनाई जा रही कृष्णा कंपनी की दवा कफ सिरप, पेट दर्द की दवा और अन्य दवाएं बरामद हुईं। पुलिस ने कंपनी के मालिक रितेश कुमार गुप्ता समेत अजय गुप्ता, रूपेश गुप्ता, सुमन रविदास और अशोक चौधरी को गिरफ्तार किया है। काफी लंबे समय से ये लोग बिना लाइसेंस की दवा बना कर झारखंड, बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे।