पकड़ा गया झोलाछाप डॉक्टर, दवा के नाम पर बेचता था नशा, इन प्रदेशों में लगाता था कैंप

करनाल। प्रतिबंधित नशीली दवाओं का मिश्रण तैयार कर विभिन्न प्रदेशों में हर मर्ज की दवा के तौर पर बचेने का आरोपित सीआए के हत्थे चढ़ा है। वह यूनानी दवाखाना के नाम से उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में भी ये कैंप लगाता था। आरोपित से 36.650 किलो मिश्रण भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ जांच में पता चला कि आरोपित भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाईंयों को अन्य राज्यों से खरीदकर लाता था और इन नशीली दवाईंयों को घर पर लाकर उन्हें पीस कर उनका मिश्रण तैयार करता था। इसके बाद इस मिश्रण से चूर्ण के पैकेटों की तरह के पैकेट, अलग-अलग रंगो की गोलियां व कैप्सूल के खाली खोल में नशीली खुराक तैयार करता था। आरोपित इन्हें लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान व अन्य राज्यों में जाकर नकली डाक्टर बनकर कृष्ण यूनानी दवाखाना के नाम से दवाई बेचने के कैंप लगाता था।

आरोपित लोगों को हर मर्ज की दवा कहकर फंसाता था। फिर जैसे ही लोग उसकी दी हुई खुराक खाते तो उन्हे नशा होने के कारण उनको अपनी बिमारी में आराम लग जाता था और काफी मात्रा में उससे दवाईयों की खुराक ले जाते थे। आरोपित इन दवाईयों को अपने मन-मर्जी अनुसार काफी मंहगें दामों पर बेचता था और मोटा मुनाफा कमाता था। जिसके बाद लोग इसके द्ववारा दी गई दवाई के आदि हो जाते थे और बार-बार आरोपित के पास दवाई लेने के लिये आते थे। इस तरह यह लोगों को बहका कर उन्हे नशा बेचता व उनके साथ धोखाधडी करता था। पुलिस पूछताछ में लगी है कि आरोपित कहां से प्रतिबंधित दवाई खरीकर लाता है, कौन-कौन उसके साथ संलिप्त है, घर पर लाकर कैसे मिश्रण तैयार करता था।

सीआइए टीम को सूचना मिली थी कि कृष्ण कुमार वासी वार्ड नंबर दो असंध पिछले काफी समय से प्रतिबंधित नशीली अंग्रेजी व देशी दवाईंयों को मिलाकर अवैध तरीके से मिश्रण तैयार कर जाली लाईसेंस से अन्य राज्यों में ले जाकर लोगों को बेचता है। वह अभी अपनी गाडी में काफी मात्रा में इस मिश्रण को सप्लाई करने के लिए जाएगा। सूचना मिलने पर सीआईए असंध इंचार्ज उप निरीक्षक रामफल की अध्यक्षता में एएसआई सतीश कुमार, एसआई सतबीर, मुख्य सिपाही खेमचंद व राजेद्र और सिपाही दिनेश की एक टीम गठित की गई, जिसने आरोपित कृष्ण कुमार को बाईपास नजदीक सालवन रोड असंध से एक गाडी टाटा इंडिगो सहित काबू किया गया।

तलाशी लेने पर उसके कब्जे से गाडी में से बिना किसी मार्का, लेवल व बिना किसी कंपनी के नाम का प्रतिबंधित दवाईयों का उक्त मिश्रण बरामद हुआ। जिस पर ड्रग्स इंस्पेक्टर रितू मेहला व आयुर्वेद के डाक्टारों की टीम मौके पर बुलाई गई तो जांच में पाया कि यह मिश्रण पूरी तरह से अवैध है। पुलिस ने आरोपित की गाड़ी भी कब्जे में ले ली तो उसके खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया।