ऑर्डर करने के एक घंटे में घर पर पहुंचेगी दवा! जानिए कब और कैसे

कोरोनाकाल में कई कंपनियों ने होम डिलीवरी शुरू की है. इसी कड़ी में ऑनलाइन फार्मेसी 1mg अपनी होम डिलीवरी सर्विस को और तेज करने की योजना बना रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी जल्द एक्सप्रेस डिलीवरी शुरू कर सकती है. इसके तहत 1mg दवा ऑर्डर होने के 1 घंटे के अंदर उसे ग्राहक के घर पहुंचाएगी. आपको बता दें कि 1mg में टाटा समूह ने बड़ी हिस्सेदारी खरीदी है. कंपनी नई दिल्ली और गुरुग्राम के कई इलाकों में ऑर्डर प्लेस होने के 4-5 घंटों के अंदर दवाइयों की डिलीवरी की शुरुआत कर चुकी है. अब वह एक्सप्रेस डिलीवरी के जरिए अपनी सर्विस में पूरे भारत में तेजी लाएगी.

दवाइयों की एक या दो घंटे के अंदर ऑन डिमांड डिलीवरी एक चुनौतीपूर्ण है. इसकी वजह से कंपनी की ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ जाएगी. इसीलिए कंपनी ने बड़े ऑर्डर की एक्सप्रेस होम डिलीवरी करने की योजना बनाई है. एक्सप्रेस डिलीवरी में कम से कम 600 रुपये ऑर्डर साइज हो सकता है. अगर प्लेटफॉर्म मिनिमम परचेज साइज लागू नहीं करता है तो ऑर्डर का साइज और भी छोटा हो सकता है.

अंग्रेजी के अखबार इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, 1mg एक घंटे के अंदर दवाइयों की डिलीवरी की सुविधा शुरू करना चाहती है. इसके लिए बेहद ज्यादा मांग है, जो कि महामारी के आने के बाद से बढ़ी है. इसका कारण है कि लोगों को जल्द से जल्द विभिन्न दवाइयों और हेल्थकेयर से जुड़े प्रॉडक्ट्स की जरूरत है. हालांकि एक्सप्रेस डिलीवरी योजना के बारे में 1mg की ओर से काई आधिकारिक कमेंट नहीं मिल सका है.

बेंगलुरू का स्टार्टअप मायरा मुख्य रूप से दवाइयों की 1 घंटे में डिलीवरी पर फोकस्ड था. लेकिन इसे 2019 में खुद को मेडलाइफ को बेचना पड़ा क्योंकि सीमित पूंजी के साथ यह परिचालन जारी नहीं रख सका. मेडलाइफ को बाद में फार्मईजी ने खरीद लिया और एक्सप्रेस डिलीवरी को बंद कर दिया गया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के स्वामित्व वाला नेटमेड्स 24-48 घंटों में डिलीवरी की स्टैंडर्ड टाइमलाइन की पेशकश करता है. कुछ ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स को स्थानीय लॉकडाउन नियमों के आधार पर दवाइयों की डिलीवरी करने में 72 घंटों का भी वक्त लग जाता है.