यहां होगा ब्लैक फंगस की दवा का उत्पादन, सीएम ने किया उद्घाटन

नई दिल्ली। देश में कोरोना और ब्लैक फंगस जैसी घातक बिमारियों से आतंक मचा रखा है। बता दें कि जिस तरह से कोरोना वायरस लगातार अपना स्वरूप बदल रहा है, उसी तरह ही ब्लैक फंगस भी अपना स्वरूप बदलता दिख रहा है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर के हैलट अस्पताल में ब्लैक फंगस पीड़ित एक रोगी में ऑप्टिक न्यूराइटिस नाम की बीमारी पाई गई है। जिसे लेकर डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का दुनिया भर में यह पहला केस है।

भारत में अभी तक ब्लैक फंगस या म्यूकर माइकोसिस के तकरीबन 40 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इस संक्रमण के चलते 3,129 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरेसिन-बी के उत्पादन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया। फिलहाल रेवा क्योर लाइफ साइंसेज कंपनी ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरेसिन-बी का उत्पादन जबलपुर में कर रही है। इसके लिए कंपनी की ओर से एक वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।

भोपाल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरेसिन-बी के उत्पादन के लिए उद्घाटन होने के साथ ही मध्य प्रदेश के जबलपुर में ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरेसिन-बी का उत्पादन शुरू हो गया है। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘जब ब्लैक फंगस हुआ तब इस दवा का महत्व समझ में आया। अब बाहर जाने की जरूरत नहीं है. जबलपुर में इंजेक्शन बनेगा।