स्टेट फार्मेसी काउंसिल ए.जी.हरियाणा ने पूर्व एवं वर्तमानों को घेरा

करीब 2.20 करोड़ की अनियमितताएं
अंबाला: हरियाणा राज्य फार्मेसी काउंसिल में इन दिनों अकाउंटस जरनल हरियाणा की टीम द्वारा वर्षों पुराने कागज को खंगाले जिसमें, चौंकाने वाले आंकड़े सामने आनेकी संभावनाएं प्रतीत होती हैं। सूत्रों से पता चला है कि आंकडें़ जो अभी अंतिम हस्ताक्षर की इंतजार में हैं अपने कब्जे में लिया। अकाउंटस जरनल के अधिकारियों की टीम ने पूर्व रजिस्ट्रार एम.एस. नेहरा पर 2 करोड़ से अधिक की रिकवरी के लिए खाका तैयार किया। राजेश गुलाटी (9,55,630/-), सुरेंद्र शर्मा पूर्व चेयरमैन (6,32,850/-+4,31,59/-+24लाख), बिना चैक की पेमेंट की 7,70,240/-बिनकुटेशन के सामान खरीदा+1,26,344/- बिना चैक, बिना रसीद के खर्चा, विश्वामित्र (700/-), अमित नागपाल (5550/-),  राकेश दहिया (14,770/-), वेद प्रकाश (3,850/-), के.के. खन्ना (6,500/-),  जे.पी. कोशिक (3,400/-),  रोहताश कुमार (39,760), विक्रम (6,600/-), एस.के. टुटेजा(1800/-), बी.आर. सिंह (3100/-), यशपाल सिंगला (13,450), पदमसिंह (700/-), सुभाष दुआ(1000/-), रोहित खंडूजा (1200), रमेश लिखा(500/-), हरपाल सिंह (1500/-), विजय ढींगरा (78,980/-), के.के. शर्मा (82,700/-), सुरेंद्र जाखड़(39,760), धनेश (24,000/-)अशोक नागपाल (3,17,750/-) मीनू कटारिया (38760/-) से लेनदारी के आंकड़े तैया हिए।
इस बारे में के.सी. गोयल ने कहा कि आडिट तो हुआ आंकड़े की जानकारी नहीं है। एम.एस. नेहरा ने कहा कि सारा रिकार्ड कार्यालय में ही था। साथ ही कुछ नहीं लाया। कागजातों से छेड़छाड़ हो सकती है। फीस 20/- प्रतिवर्ष थी। पैसा काउंसिल स्टोर से और बैंक से मिला तो करोड़ों में अनियमितता का खुद अंदाजा लगाए। डा.सुरेंद्र शर्मा का मो. बंद मिला। वास्तिविक पत्र पर हस्ताक्षर होते ही सभी से रिकवरी की कार्यवाही की उम्मीद है।