लेडी डॉक्टर का कारनामा, एक साथ दो जगह नौकरी कर लिया वेतन

सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत सिटी में जिला नागरिक अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक का बड़ा कारनामा सामने आया है। लेडी डॉक्टर ने एक साथ दो जगह नौकरी कर वेतन लिया है। महिला चिकित्सक ने नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के पद के साथ जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर काम किया था। इस बीच उसने दोनों जगह ड्यूटी करते हुए दिल्ली व हरियाणा सरकार दोनों से वेतन लिया।

जब इस संबंध में कैथल के एक व्यक्ति ने मामले की शिकायत पीएमओ को देकर जांच की मांग की थी। जांच के दौरान दोषी मिलने पर महिला चिकित्सक ने पीएमओ पर मानसिक तौर से प्रताड़ना व अभद्रता करने सहित मोबाइल पर गलत संदेश भेजने का आरोप लगाकर सिविल सर्जन को शिकायत दी थी।

कैथल के गांव किठाना के रहने वाले संदीप ने 16 अप्रैल को शिकायत दी थी कि जिला अस्पताल के गायनी वार्ड की महिला मेडिकल ऑफिसर दिल्ली के नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के पद पर कार्यरत है। वह दोनों जगह नौकरी करते हुए दिल्ली व हरियाणा सरकार से वेतन ले रही हैं। इस संबंध में पीएमओ डॉ. जयभगवान जाटान ने डॉ. सुशील जैन व अधीक्षक कमलेश के साथ मिलकर शिकायत की जांच की।
जांच में शामिल होने के लिए 25 मई को महिला चिकित्सक को बुलाया गया, लेकिन उन्होंने असमर्थता जाहिर की। इसके बाद 23 जून को दोबारा बुलाया गया, जांच में शामिल होने आई महिला चिकित्सक ने जांच कमेटी से दो दिन का समय मांगा था। आखिरी जांच 28 जून को की गई, लेकिन महिला चिकित्सक ने कार्रवाई से बचने का प्रयास किया।
इसके बाद जांच में पता लगा कि महिला चिकित्सक 22 जुलाई 2019 से 12 अक्तूबर 2020 तक दिल्ली के नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के पद पर काम कर चुकी है। इसके बाद उन्होंने वहां से नौकरी छोड़ दी। इसी बीच उन्होंने 10 जुलाई 2020 को जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर नई नियुक्ति ली। इसके बाद से महिला चिकित्सक ने दोनों जगहों पर ड्यूटी करते हुए दिल्ली व हरियाणा सरकार दोनों से वेतन भी लिया था। जांच पूरी होने पर महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पीएमओ ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।

पीएमओ डॉ. जयभगवान जाटान ने कहा कि महिला चिकित्सक ने नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट के पद के साथ जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर काम किया था। शिकायत मिलने के बाद जांच की गई तो वह जांच में दोषी मिली। इसके लिए मैंने महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। इसके चलते महिला चिकित्सक ने मुझ पर अभद्रता करने व गलत संदेश भेजने का आरोप लगाया था।