इस नागरिक अस्पताल में अँधेरे में जन्म ले रहे बच्चे, यह है कारण

सोनीपत। जिलेभर में सोमवार को हुई बारिश की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं बारिश के दौरान जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे लोगों को भी परेशानी हुई। बारिश की वजह से जिला नागरिक अस्पताल के गायनी वार्ड में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया था, जिससे हड़कंप मच गया।

गायनी वार्ड में अंधेरा छाने के बाद भर्ती महिलाओं व ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ कर्मियों को भी परेशानी हुई। इसके साथ ही केएमसीयू, टीबी वार्ड की बत्ती गुल हो गई और केएमसीयू में भर्ती चार शिशुओं को एसएनसीयू में शिफ्ट कर दिया और गायनी वार्ड में भर्ती महिलाओं को अस्पताल के प्रथम तल पर बने सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

सोमवार को सोनीपत जिले में दिनभर हुई 117 एमएम बारिश से लोगों को परेशानी हुई। इस कारण गायनी वार्ड में बिजली के तारों में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। जिसके कारण मंगलवार को भी गायनी वार्ड, केएमसीयू (कंगारू मदर केयर यूनिट) व टीबी वार्ड में बत्ती गुल रही। सोमवार दोपहर बाद गायनी वार्ड में अचानक बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे बिजली के तार जल गए और इसके बाद धुआं उठने से गायनी वार्ड में भर्ती महिलाओं व उनके तीमारदारों में हड़कंप मच गया।

गायनी वार्ड में बिजली गुल होने के साथ केएमसीयू व टीबी वार्ड की बत्ती बंद हो गई। ऐसे में टीबी वार्ड में उपचार कराने के लिए पहुंचे मरीजों व वहां ड्यूटी पर तैनात स्टाफ कर्मियों की भी परेशानी बढ़ी। बिजली गुल होने की सूचना स्टाफ कर्मियों ने अस्पताल प्रशासन को दी, जिसके बाद मौके पर डीएमएस डॉ. संदीप लठवाल, डॉ. गिन्नी लांबा समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी भी पहुंचे और तुरंत प्रभाव से गायनी वार्ड व केएमसीयू को खाली करने के निर्देश दिए।

बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से गायनी वार्ड में भर्ती महिलाओं व शिशुओं का जिला अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस दौरान गायनी वार्ड से दूसरी वार्ड में जाने के लिए महिलाओं व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अस्पताल प्रशासन की तरफ से सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किए गए गायनी वार्ड में ही डिलिवरी की व्यवस्था तक की गई। गायनी वार्ड को सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट करने के लिए दिनभर कर्मचारी जुटे रहे।

जिला नागरिक अस्पताल के केएमसीयू (कंगारू मदर केयर यूनिट) में भर्ती चार शिशुओं को एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट) में शिफ्ट किया गया। क्योंकि बत्ती गुल होने से केएमसीयू में अंधेरा पसरा रहा। केएमसीयू में भर्ती शिशुओं को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े, उनकी देखभाल के लिए उन चारों शिशुओं को एसएनसीयू में शिफ्ट किया गया। जिनका बाल रोग विशेषज्ञ के साथ अन्य चिकित्सक लगातार उपचार कर रहे हैं।

शॉर्ट सर्किट की वजह से दो दिन से दो वार्डों में बत्ती गुल है। ऐसे में गायनी वार्ड में जले हुए तारों को बदलने के लिए कर्मचारी जुटे हुए हैं। मंगलवार को भी बत्ती गुल होने से टीबी वार्ड में अंधेरे में ही ओपीडी लगाई गई। यहां से उपचार कराने के लिए पहुंचे मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक व स्टाफ कर्मियों को भी ज्यादा परेशानी हुई।

उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप लठवाल ने कहा कि जिला अस्पताल के गायनी वार्ड में सोमवार दोपहर बाद बारिश के दौरान अचानक तारों में शॉर्ट सर्किट हो गया था। इसके बाद गायनी वार्ड को सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया और केएमसीयू को बंद करके वहां पर भर्ती शिशुओं को एसएनसीयू में भेजा गया। इसके साथ ही टीबी वार्ड में भी बिजली सप्लाई गुल रही। अस्पताल के गायनी वार्ड में कर्मचारी मंगलवार को जले तारों को बदलने में दिनभर जुटे रहे।