पीजीआई (रोहतक) + पीपीपी=अच्छे दिन

अत्याधुनिक 1.5 टी की एमआरआई मशीन ट्रायलबेस शुरू
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के तहत 1.5 टी की एमआरआई मशीन हैल्थ मैप निदान प्राईवेट लिमिटिड द्वारा लगाई गई है। कुलपति डॉ. ओ.पी.कालरा की अध्यक्षता में हवन कर, इसे ट्रायल के तौर पर शुरु किया गया है। ट्रायल पूरा होने के बाद इसका औपचारिक उद्घाटन होगा। हवन में उपकुलपति डॉ.वी.के.जैन, कुलसचिव डॉ. एच.के.अग्रवाल, निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता, डीन डॉ.के.बी.गुप्ता, रेडियोलोजी विभागाध्यक्ष डॉ. रोहताश यादव एवं डॉ. बिजेंद्र ढिल्लों ने आहुति डाली।
डॉ. ओ.पी. कालरा ने कहा कि पीजीआई की ओपीडी में  पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के तहत लगाई गई इस 128 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन तो ट्रायल के तौर पर शुरु की ही जा चुकी हैं और आज से मरीजों के लिए एमआरआई मशीन की ट्रायल के तौर पर शुरुआत कर दी गई ताकि संस्थान मे आने वाले मरीजों की अविलंब जांच कर उन्हें जल्दी इलाज प्रदान करवाया जा सके। कुलपति डॉ. कालरा ने कहा कि नवीनतम उच्च तकनीक की मशीन से जांच के साथ-साथ सस्ती दर पर एमआरआई मुहैया होगी। उन्होंने कहा कि संस्थान में आने वाले मरीजों को इस मशीन से बहुत ज्यादा फायदा होगा क्योंकि यह  मशीन अबतक की सबसे अत्याधुनिक मशीन है और यह मरीजों की जांच उच्च गुणवत्ता के साथ करेगी। डॉ. कालरा ने कहा कि इस मशीन के लग जाने से जहां सरकारी अस्पतालों मे इलाज करवाने आने वाले मरीजों को फायदा होगा वहीं प्राईवेट अस्पताल के रोगियों की भी इस मशीन से जांच की जा सकेगी। जिन श्रेणियों के पहले फ्री मे सीटी स्कैन किए जाते थे, उनके पहले की तरह इस मशीन में फ्री जांच की जाएगी।
हैल्थ मैप निदान प्रा. लि. के सीईओ नीरज अरोड़ा ने कहा कि उनकी कंपनी पब्लिक प्राईवेट पार्टनशिप के तहत लगाई गई एमआरआई स्टेट ऑफ आर्ट मशीनों और तकनीक के साथ अनुभवी रेडियोलोजिस्ट की टीम से मरीजों को फायदा होगा। हैल्थ मैप निदान के रेडियोलोजिस्ट डॉ. विनय
कुमार, हरियाणा प्रभारी राजीव चोपड़ा भी मौजूद रहे।
हर तीन माह बाद  करें रक्तदान: ओपी कालरा 
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नर्सिंग कालेज द्वारा फ्लोरेंस नाईंटिंगेल की याद मे मनाए जा रहे अंर्तराष्ट्रीय नर्सिंग सप्ताह के अंतिम दिन नर्सिंग कालेज की छात्राओं द्वारा चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में एक रक्तदान शिविर आयोजित किया। कुलपति डॉ.ओ.पी.कालरा द्वारा पौधारोपण कर शुरू किए इस शिविर में करीब 160  यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
कुलपति डॉ.ओ.पी.कालरा ने कहा कि पृथ्वी पर रक्तदान से बड़ा कोई भी दान नहीं है क्योंकि रक्तदान करने वाला व्यक्ति ना तो उसके बदले में कुछ चाहता है और ना ही यह जानता है कि यह रक्त किसको चढेगा। हम सभी को हर तीन माह बाद रक्तदान करते रहना चाहिए। स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए छात्राओं ज्योति,कीर्ति,माधवी,वर्षा, रितू, सुमन व पूनम द्वारा किए गए नुक्कड़ नाटक की सराहना की। उप कुलपति डॉ.वी.के.जैन ने कहा कि अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से सम्पूर्ण रक्त को विभाजित करके प्रयोग में लाया जा सकता है जैसे प्लाजमा, प्लेटलैट, पैक्डसैल वाल्यूम आदि। आज के समय में किसी शरीर में रक्त चढ़ाने के आधुनिक एवं नवीनतम तकनीक द्वारा एक यूनिट रक्त का बहुतायत उपयोग सम्भव है। कुलसचिव डॉ.एच.के.अग्रवाल ने कहा कि परिजनों से रक्त मागनें पर कई बार परिजन रक्तदान करवाने में असमर्थ होते हैं जिसके लिए हम स्वैच्छिक रक्तदान से ही रक्त की कमी को पूरा कर सकते है। डॉ.अग्रवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मीडिया के सहयोग से रक्तदान के प्रति लोगों में काफी जागरुकता आई है और हरियाणा में स्वैच्छिक रक्तदान करने वालो में बढोतरी हुई है। निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने कैंप के आयोजन के लिए नर्सिंग कालेज,ब्लड बैंक के डॉक्टरों को बधाई दी।

दॉ आर्ट एंड साईंस ऑफ राईटिंग रिसर्च प्रोजैक्टस फॉर एक्सट्रा म्यूरल फंडिंग एजेंसिज विषय पर संगोष्ठी
पीजीआई के लैक्चर थियेटर में दॉ आर्ट एंड साईंस ऑफ राईटिंग रिसर्च प्रोजैक्टस फॉर एक्सट्रा म्यूरल फंडिंग एजेंसिज विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने किया।  डॉ. कालरा ने व्याख्यान देने आए यूसीएमएस नई दिल्ली से डॉ.बी.डी. बनर्जी व एमडीयू से डॉ. संतोष कुमार तिवारी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। डॉ. मंजूनाथ ने मंच का संचालन किया। संगोष्ठी में 350 से ज्यादा डॉक्टरों ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया।
 कुलपति डॉ. ओ.पी.कालरा ने उपस्थित डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल कालेज रोहतक ने धीरे-धीरे अपने कदम आगे बढ़ाते हुए पीजीआईएमएस और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का रुप लिया, जिससे ना केवल मरीजों के बेहतर इलाज के लिए शोध की आवश्यकता होती है, जिसके लिए निर्धारित मापदंडों द्वारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों के हितों व आए दिन आ रही नई बिमारियों को ध्यान मे रखते हुए उच्च गुणवत्ता की रिसर्च की जानी चाहिए जो छात्रों व चिकित्सकों का ज्ञानवर्धन कर सके। संस्थान मे हर वर्ष होने वाले एमबीबीएस छात्रों के द्वारा आयोजित किए जाने वाले आम्र्सकॉन की प्रशंसा की। जिसमें छात्रों द्वारा शोध व पोस्टर प्रस्तुत किए जाते हैं।
कुलसचिव व संगोष्ठी के आयोजक डॉ.एच.के.अग्रवाल ने संगोष्ठी में आए सभी डॉक्टरों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. संजय तिवारी व उनकी टीम हमेशा नई योजनाओं व अवधारणा को ध्यान मे रखते हुए कार्य करती है। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी के लिए डॉ. तिवारी की टीम ने भरपूर सहयोग देते हुए बहुत कम समय में आयोजित इस संगोष्ठी को सफल बनाया है। यूसीएमएस नई दिल्ली के बॉयोकैमिस्ट्री विभाग के प्रोफैसर डॉ. बी.डी. बनर्जी ने हाऊ टू राइट रिसर्च प्रोजैक्टस फॉर एक्सट्रा म्यूरल फंडिंग विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि शोध के लिए किसी भी एजेंसी से वित्त पोषण लेने के लिए उत्तम गुणवत्ता का प्रोजैक्ट तैयार करने के लिए कवर शीट, टेबल ऑफ कंटेंट, एब्सट्रैक्ट के अलावा स्पष्ट व सटीक विषय,लक्ष्य व उद्देश्य होना अत्यंत आवश्यक है। एमडीयू के जैनेटिक विभाग के सहायक आचार्य डॉ. संतोष कुमार तिवारी ने ओप्रोज्यूनिटी एंड चैलेंजिस इन गैटिंग रिसर्च ग्रांट फरोम एक्सट्रा म्यूरल फंडिंग एजेंसिज विषय पर अपने अनुभव सांझा किए, जिस पर बाद मे चर्चा की गई।