यहां पर चल रही बिना लाइसेंस के सैकड़ों दवा की दुकानें

पूर्णिया। पूर्णिया प्रमंडल में बिना लाइसेंस सैकड़ों दवा की दुकानें चल रही हैं। पूर्णिया प्रमंडल के दवा की दुकानों में नकली दवा की बिक्री भी जोर-शोर से हो रही है। नकली दवा की कई खेप भी पहले पकड़ जा चुकी है। इसमें पुलिसिया कार्रवाई तो होती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग मौन रहता है। पूर्णिया में चार औषधि निरीक्षक भी हैं। प्रमंडलीय आयुक्त के नए फरमान के बाद उनका भी नपना तय है। डीएम एवं सिविल सर्जन को उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

औषधि निरीक्षकों के द्वारा दवा दुकानों की जांच की बात तो दूर निरीक्षण भी नहीं किया जाता है। पूर्णिया प्रमंडल में दो हजार से अधिक दवा की शहर से लेकर गांव तक दुकानें हैं। पूर्णिया जिला में ही करीब एक हजार दवा दुकान हैं। सैकड़ों की तादाद में प्रमंडल में बिना लाइसेंसी दवा की दुकानें चल रही हैं। कुछ ही दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट की उपस्थिति में दवा की बिक्री होती है। अधिकांश दवा की दुकानों में स्टाक पंजी समेत अन्य मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रमंडलीय आयुक्त के इस नए फरमान के बाद दवा दुकानों की जांच भी चारों जिलों में की जाएगी।

नियमों को ताक पर रखते हुए दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवा की धड़ल्ले से बिक्री की जाती है। दवा दुकानें पर दवा के स्टॉक पंजी समेत अन्य मानकों का भी पालन नहीं हो रहा है। प्रमंडलीय आयुक्त राहुल रंजन महिवाल ने कहा कि कई दवा दुकानें बगैर लाइसेंस चल रही हैं। मानकों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे दुकानदारों के लाइसेंस रद किए जाएंगे। पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज के जिला पदाधिकारी एवं सिविल सर्जन को दवा दुकानों पर फार्मासिस्ट उपलब्ध नहीं रहने पर भी दवा की बिक्री की जांच कराने के लिए कहा है। इसके अलावा दवा दुकानों पर जीवन रक्षक दवा, फ्रीज की उपलब्धता, दवा का स्टॉक पंजी समेत अन्य बिंदुओं की भी जांच कराने के लिए कहा है।

चारों जिलों के डीएम एवं सिविल सर्जन को लिखे गए पत्र में आयुक्त ने जांच कमेटी के द्वारा इन बिंदुओं पर दवा दुकानों की जांच कर साक्ष्य सहित प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है तो दुकान का लाइसेंस रद्द करने के लिए अग्रेतर कार्रवाई की जाए। औषधि निरीक्षक के द्वारा पूर्व में इस बिंदु पर की गयी जांच से संबंधित प्रतिवेदन की छायाप्रति भी प्राप्त कर उपलब्ध करायी जाये। अन्यथा संबंधित औषधि निरीक्षक और सहायक औषधि निरीक्षक के विरुद्ध समुचित कार्रवाई करते हुए कृत कार्रवाई की सूचना भी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।