क्लीनिक परिसर में संचालित दवा दुकान से 19 प्रकार की एक्सपायरी और फिजिशियन सैंपल जब्त

पटना। दवा दुकान से 19 प्रकार की एक्सपायरी और फिजिशियन सैंपल जब्त करने का मामला सामने आया है। बता दें कि बोरिंग कैनाल रोड स्थित इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट में डॉ. एसके बनर्जी के क्लीनिक परिसर में संचालित दवा दुकान से 19 प्रकार की एक्सपायरी और फिजिशियन सैंपल जब्त किया गया है। जब्त दवाओं की जांच के लिए अगमकुआं स्थित प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। ज्यादातर दवाएं सर्दी, खांसी, बुखार और एंटीबायोटिक है जो मरीजों को रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होती है।

छापेमारी में दुकान में न तो कैशमेमो मिला है और न ही दुकान में मंगाई गई दवाओं का बिल। जो फिजिशियन सैंपल जब्त किया गया है, उसमें कई पर बिक्री किए जाने के लिए रैपर लगाया गया है। कई दवाओं के मूल्य की कटिंग की गई है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर छापामारी के बाद इसका खुलासा हुआ है। डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिया है कि शहर में क्षेत्रवार छापेमारी करें, ताकि पता चल सके कि कहां-कहां एक्सपायरी और फिजिशियन सैंपल की बिक्री की जा रही है।

अपर अनुमंडल पदाधिकारी धनंजय कुमार के नेतृत्व में दवा दुकान में उस समय छापेमारी की गई थी, जब सारण जिले के दिघवारा के बीडीओ अजीत कुमार की एक्सपायरी एंजेक्शन लगाने से तबीयत बिगड़ गई थी। छापेमारी में चार प्रकार के एक्सपायरी इंजेक्शन तथा 15 प्रकार के टैबलेट बरामद किए गए हैं। छानबीन में यह भी पता चला कि बिक्री की गई दवाओं का रिकार्ड नहीं हैं, क्योंकि वहां कंप्यूटर नहीं था। छापेमारी के समय दुकान में फार्मासिस्ट और दुकान के मालिक मौजूद नहीं थे। दोनों को स्पष्टीकरण भेजा गया है।

ड्रग कंट्रोल प्रशासन की ओर से शोकॉज आने के बाद दुकान के लाइसेंस के रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। छापेमारी टीम में शामिल अधिकारियों का कहना है कि जो फिजिशियन सैंपल दुकान से बरामद किया गया है उसकी जांच चल रही है कि यह दवा क्या डॉक्टर को दवा कंपनियों द्वारा दी जाती थी और यह दवा मरीजों को मुफ्त में देने की बजाय उसकी बिक्री की जाती थी। जब्त एक्सपायरी दवाओं की रिपोर्ट आने के बाद दुकानकार के खिलाफ कार्रवाई होगी। एक्सपायरी इंजेक्शन लेने से तबीयत खराब हुई। बीडीओ अभी ठीक हैं। इधर, डीएम ने शहर में संचालित दवा दुकानों पर अभियान चलाकर छापेमारी करने को कहा है।