संक्रमण का प्रभाव रोकने के लिए पुनर्वास केंद्र भेजी गई डेढ़ लाख की एंटीवायरल दवा

अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के रमकोला स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र में हाथी के दो बच्चों की मौत के बाद सात हाथियों को संक्रमण से बचाने अभी तक लगभग 50 हजार रुपये के सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया है। हाथियों के लिए रायपुर से डेढ़ लाख रुपये की एंटीवायरल दवा मंगाई गई हैं। अगले 15 दिनों तक हाथियों को सुबह और शाम एंटीवायरल दवा दी जाएंगी। छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी पीवी नरसिम्हाराव के नेतृत्व में चिकित्सकों और विशेषज्ञों के दल ने रविवार को अपनी निगरानी में पुनर्वास केंद्र और उससे लगे पांच किलोमीटर के वन क्षेत्र में हाथियों के लीद को जलाकर नष्ट कराया तथा समूचे वन क्षेत्र में सैनिटाइजर का छिड़काव भी कराया गया है।

हाथी पुनर्वास केंद्र से रवाना होने के पहले अधिकारियों ने बैठक की और हर्पिस वायरस का संक्रमण रोकने विशेषज्ञों के सुझाव अनुरूप अगले 15 दिनों तक साफ-सफाई कर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। उस अनुरूप महावतों को तीन-तीन सेट नया यूनीफार्म और मास्क, ग्लब्स सहित सुरक्षा के सारे प्रबंध सुनिश्चित कर पुनर्वास केंद्र में कार्य करने कहा गया है। एलीफेंट रिजर्व सरगुजा के क्षेत्रीय निदेशक डा.के मैचियो, उपनिदेशक एलीफेंट रिजर्व प्रभाकर खलखो, जंगल सफारी रायपुर के वन्य जीव विशेषज्ञ डा.राकेश वर्मा, डा.पीके चंदन तथा बिश्रामपुर के डा.महेंद्र पांडे की टीम ने छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को तकनीकि प्रतिवेदन भी प्रस्तुत कर दिया है, जिसमें हाथी के दोनों बच्चों की मौत, शव परीक्षण और संक्रमण रोकने किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख है।

लगभग 24 घंटे तक प्रधान मुख्य संरक्षक वन्य प्राणी पीवी नरसिम्हाराव भी हाथी पुनर्वास केंद्र में मौजूद रहे। रविवार को सारी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के बाद विशेषज्ञ लौट आए हैं। डेढ़ लाख की दवाएं पहुंचाई गई हैं। अभी तक 50 हजार के सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया है। इसकी और उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।