कैंसर की नकली दवा बेचती थी महिला, इस दवा कंपनी की शिकायत पर हुआ खुलासा

नकली दवा का कारोबार लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इतना ही नहीं घातक बिमारियों की नकली दवा बेचकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब इसी कड़ी में एक महिला को कैंसर की फर्जी महंगी दवा बेचते हुए गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि मुंबई पुलिस की EOW सेल ने एक 31 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है।

मुंबई। नकली दवा का कारोबार लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इतना ही नहीं घातक बिमारियों की नकली दवा बेचकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब इसी कड़ी में एक महिला को कैंसर की फर्जी महंगी दवा बेचते हुए गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि मुंबई पुलिस की EOW सेल ने एक 31 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। महिला पर आरोप है कि वह कैंसर मरीजों को महंगी फर्जी दवाएं बेचती थी। महिला डी फार्मेसी पास कर चुकी है और उसपर फर्जी दवा बेचने का आरोप है।

पुलिस इंस्पेक्टर नितिन पाटिल ने अपनी टीम के साथ मामले की जांच शुरू की थी। मार्च के महीने मेें पाटिल और उनकी टीम ने जाल बिछाया और ग्राहक बनकर एडसेट्रिस इंजेक्शन खरीदा जिसकी कीमत पांच लाख के आस पास होती है। उन्हें यह इंजेक्शन 1 लाख 12 हजार रुपये में ही मिल गया। जब इंजेक्शन की जांच की गई तो पता चला कि यह टेकेडा फार्मास्युटिकल लिमिटेड द्वारा नहीं बनाया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने पूजा राना के नाम केस दर्ज किया। वह प्राइम फार्मा के नाम से कल्याण में कंपनी चलाती है। जब टीम पूजा राणा के दफ्तर पहुंची तो वहां से 6 फर्जी एडसेट्रिस इंजेक्शन और 2 इक्लूसिग टैबलेट बरामद किया गया। पुलिस का कहना है कि मामला संगीन है, एक तरफ जहां महंगी नकली दवाएं बेची जा रही हैं, वहीं इससे लोगों के जीवन को भी खतरा है, मामले की जांच की जा रही है।

गिरफतार महिला का नाम पूजा राना है, उसपर आईपीसी की धारा 420, 336, 483, 486 और 34 व कॉपी राइट और ट्रेडमार्क एक्ट 1957 के तहत कई मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी संभव है। क्राइम ब्रान्च की EOW को टेकेडा फार्मास्युटिकल लिमिटेड से फर्जी कैंसर दवा बनाने की शिकायत मिली थी। दवाएं एडसेट्रिस इंजेक्शन और इक्लूसिग टैबलेट हैं जो केवल ओसाका जापान में स्थित टेकेडा फार्मास्युटिकल लिमिटेड द्वारा निर्मित हैं। आरोप है कि महिला ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नकली दवाएं बनाकर कैंसर के मरीजों को सप्लाई की। जल्द ही मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।