मरीज को 7 दिन से अधिक दवा लिखने पर डॉक्टरों की खैर नहीं, पकडे जाने पर होगी कार्रवाई

किसी भी मरीजों को अब 7 दिन से अधिक दवा लिखने वाले डॉक्टरों की खैर नहीं। बता दें कि अगर डॉक्टर मरीज को सात दिन से अधिक दवा लिखते है तो उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जयारोग्य अस्पताल के माधव डिस्पेंसरी की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीज के पर्चे पर अब डाक्टर केवल सात दिन की दवा ही लिख सकेंगे। यदि इससे अधिक दिन की दवा लिखी गई तेा डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी और स्टोर से भी मरीज को सात दिन से अधिक दिन की दवा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।

ग्वालियर। किसी भी मरीजों को अब 7 दिन से अधिक दवा लिखने वाले डॉक्टरों की खैर नहीं। बता दें कि अगर डॉक्टर मरीज को सात दिन से अधिक दवा लिखते है तो उनपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जयारोग्य अस्पताल के माधव डिस्पेंसरी की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीज के पर्चे पर अब डाक्टर केवल सात दिन की दवा ही लिख सकेंगे। यदि इससे अधिक दिन की दवा लिखी गई तेा डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी और स्टोर से भी मरीज को सात दिन से अधिक दिन की दवा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसके साथ ही आदेश निकालने के पीछे दूसरा कारण भी बताया जा रहा है कि हाल ही में स्टोर पर दो मरीजों से लाल पर्चे पकड़े गए जो हर दिन डाक्टर की फर्जी शील लाल पर्चे पर लगवाकर हजाराें रुपए की दवाई बल्लभभाई पटेल स्टोर से निशुल्क प्राप्त करते और एक निजी अस्पताल में बेच देते थे। यह काम माधव डिस्पेंसरी का एक कर्मचारी ही करवा रहा था। इसका पता चलते ही अधीक्षक ने इसकी काला बाजारी राेकने के लिए आदेश निकाला है।

दरअसल गुरुवार को जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ ने एक आदेश जारी किया है। जिसमें मरीजों के पर्चे पर सात दिन की दवा लिखने के लिए डाक्टरों से कहा गया गया है। असल में ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या और बार बार दवाई के लिए चक्कर लगाने की परेशानी को देखते हुए डाक्टर ओपीडी में आने वाले ऐसे मरीज जिनका लंबे समय तक इलाज चलना है उन्हें 15 से एक माह की दवाई लाल पर्चे पर लिखकर दे रहे थे। लेकिन अब जेएएच प्रबंधन के आदेश जारी होने के बाद डाक्टर एक बार में सात दिन से अधिक की दवा नहीं लिख सकेंगे। लंबे समय तक इलाज लेने के मामले में मेडिसिन विभाग, त्चचारोगी और गायनिक व ऑर्थो और सर्जरी विभाग के मरीजों की दवाई लिखी जाती है। इस कारण से यह दवा की उपलब्धता कराने में जेएएच प्रबंधन के पसीने छूट रहे हैं।